चंपावत। जिले में नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 100 वर्ग मीटर क्षेत्र के पॉलीहाउस तैयार किए जाएंगे। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत जिले में औद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 1066 पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। इसमें कुल अठारह करोड़ उनतीस लाख रुपये की लागत आ रही है। इसमें 80 फीसदी राज सहायता नाबार्ड और 20 फीसदी किसानों की ओर से वहन किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि क्लस्टर अवधारणा के तहत चयनित फसलों को पॉलीहाउस में उत्पादित किया जाएगा। इस क्षेत्र में कार्यवाही शुरू हो गई है। किसान अपने उत्पादों को एक स्थान पर एकत्रित कर बिना किसी बिचौलिये के सीधे बाजार में लाकर उचित मूल्य पा सकता है। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस स्थापना के लिए महिला समूह को वरीयता प्रदान की जाएगी। किसान अपने सगे संबंधियों एवं पड़ोसियों के साथ भी समूह बनाकर सामूहिक रूप से अपनी भूमि पर समझौते के आधार पर पॉलीहाउस की स्थापना कर सकते हैं। पॉलीहाउस के सफल संचालन के लिए तकनीकी रूप से लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना के तहत छोटे एवं मध्यम कृषक महिला एवं सहायता समूहों और सरकारी समितियों के सदस्य पात्र होंगे।