एक दिन पूर्व भाजपा से निष्कासित किए गए पूर्व जिला महामंत्री गोविंद सामंत के कलक्ट्रेट के नजदीक स्थित घर पर पुलिस ने सोमवार शाम छापा मारा। एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना था कि भाजपा प्रत्याशी की ओर से पुलिस को शिकायत मिली थी कि सामंत के घर में गैर कानूनी तरीके से कुछ बीडीसी सदस्य रखे गए हैं।
छापे के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और अन्य लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि उनके सामंत परिवार से घरेलू और पारिवारिक रिश्ते हैं इसलिए वे यहां रुके हैं। इसके बाद पुलिस टीम लौट गई।
कोतवाल सोनू सिंह के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने अदालत के दिशा-निर्देश बताते हुए चुनावी आचार संहिता के मद्देनजर आतिथ्य स्वीकार न करने और एक जगह एकत्र नहीं होने को कहा।
इधर ब्लॉक प्रमुख की निर्दलीय प्रत्याशी रेखा देवी ने आरोप लगाया है कि विरोधी खेमा पस्त होकर सत्ता की ताकत का दुरुपयोग कर रहा है। इस घटना से सरगर्मी बढ़ने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
एसडीएम और सीओ की पूछताछ में सदस्यों ने अपनी इच्छा से बगैर दबाव में रहने की बात मानी है लेकिन किसी एक स्थान पर सदस्यों को ठहराना और आतिथ्य स्वीकारना भी स्वतंत्रता व निष्पक्ष चुनाव में बाधक हो सकता है। प्रशासन हर बीडीसी सदस्य को सुरक्षा देने को तैयार है, मगर प्रशासन द्वारा सुरक्षा देने के प्रस्ताव को सदस्यों ने मना कर दिया है। सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।