आधी रात करीब आने को थी, बमुश्किल 40 मिनट बचे थे। मुख्यालय की सड़कों पर सन्नाटा था। आजादी की सालगिरह से दो दिन पहले हिफाजत के इंतजामों को लेकर कितनी गंभीरता है? इसके लिए अमर उजाला की टीम शुक्रवार रात सुरक्षा के हालत का जायजा लेने निकली। पुलिस की गश्त का कहीं नामोनिशान नहीं था। इक्का-दुक्का वाहनों के अलावा कुछ भी नजर नहीं आया।
गोरलचौड़ से जीआईसी चौक तक नगर में लगे अधिकांश एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे थी। गोरलचौड़ रोड पर एसबीआई, खड़ी बाजार के पीएनबी और शांत बाजार के आईडीबीआई, एसबीआई और सेंट्रल बैंक के एटीएम में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। मोटर स्टेशन पर बनी पुलिस की गुमटी में ताला लटका था। ये हाल तब है, जबकि 15 अगस्त को लेकर हर जगह सुरक्षा व्यवस्था चौकस करने के दावे किए जा रहे हैं।
पुलिस की रात आमतौर पर ग्यारह बजे बाद शुरू होकर सुबह चार बजे तक होती है। इसके लिए पुलिस वाहन के अलावा पैदल पुलिस कर्मी भी लगाए जाते हैं। अलबत्ता कभी-कभार फोर्स की कमी से इसमें छिटपुट बदलाव किया जाता है। कोतवाली और बाजार चौकी को नियमित गश्त करने को कहा गया है। -दिलीप सिंह कुंवर, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।