पुलिस की अभिरक्षा से फरार चरस तस्करी का आरोपी नेपाली युवक गणेश बोहरा।
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टनकपुर (चंपावत)। बनबसा पुलिस की अभिरक्षा से फरार चरस तस्करी के आरोपी को पुलिस ने चौथे दिन जंगल से पकड़ लिया है। इस मामले में महिला उप निरीक्षक और दो कांस्टेबल निलंबित किए जा चुके हैं।
बनबसा पुलिस ने सीओ विपिन चंद्र पंत और थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने 9 नवंबर को नेपाल सीमा पर बेलबंदगोठ के पास बजांग जिले (नेपाल) के जयपृथ्वी पालिका वार्ड ग्यार के सुईल गांव निवासी गणेश बोहरा को साढ़े पांच किलो चरस के साथ पकड़ा था। उप निरीक्षक राधिका भंडारी की ओर से की गई जांच के बाद आरोपी को 10 नवंबर को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था कि बस्तिया से कुछ आगे गणेश बोहरा लघुशंका का बहना कर जंगल में भाग निकला। चरस के आरोपी को दबोच कर उच्च अधिकारियों की शाबासी बटोर रही पुलिस की आरोपी के फरार होने से खासी किरकिरी हुई। तीन दिन से जिले की पुलिस फरार आरोपी को पहाड़ के जंगलों में तलाशती रही। बुधवार को ऑपरेशन थर्ड डायरेक्शन से जिले के थानों की पुलिस, पुलिस कमांडो, पुलिस सर्विलांस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बूम रेंज के चूका के जंगल में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। अब पुलिस आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के साथ ही अभिरक्षा से फरार होने के मामले में भी केस दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी है।
डीआईजी और एसपी ने की ईनाम की घोषणा
बनबसा से लगी नेपाल सीमा पर पुलिस द्वारा चरस तस्करी के आरोपी गणेश बोहरा और एक महिला आरोपी को दबोचने पर एसपी ने जहां ढाई हजार के ईनाम की घोषणा की थी, वहीं डीआईजी ने भी पुलिस टीम को शाबासी देते हुए पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी, लेकिन आरोपी के अभिरक्षा से फरार होने से लापरवाही के आरोप में एक महिला उप निरीक्षक और दो कांस्टेबल को निलंबन की कार्रवाई झेलनी पड़ी है, लेकिन फरार आरोपी को दबोचने पर डीआईजी और एसपी ने फिर पुलिस टीम को पांच हजार और ढाई हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है।
चूका के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी
पुलिस अभिरक्षा के फरार आरोपी गणेश बोहरा चूका के रास्ते शारदा पार कर नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस और वन विभाग की टीम उसे दबोचने में थोड़ी देर करती तो वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ता। एसआई योगेश दत्त ने बताया कि आरोपी पहाड़ के जंगलों में छिपता-छुपाता चूका के जंगल तक पहुंच चुका था, जहां से कुछ दूरी पर स्थित शारदा नदी पार कर वह भाग निकलता।