औगर यंत्र का प्रदर्शन करते आरसेटी संस्थान के निदेशक जर्नादन चिलकोटी।
- फोटो : अमर उजाला
जिला लीड बैंक और ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी) ने अनूठी पहल करते हुए काश्तकारों की खेती किसानी के लिए मददगार गिरमिट (औगर) यंत्र तैयार किया गया है। जो बेहद कम लागत में काश्तकारों को गड्ढे खुदान में मदद करेगा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घास के लुटियास लगाने के साथ ही जंगली जानवरों से अपनी फसलों को बचाने के लिए तारबाड़ लगाने वाले काश्तकारों को बाड़ लगाने में यह यंत्र उपयोगी साबित होगा।
लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत के अनुसार औगर यंत्र की लागत चार सौ रुपये से भी कम है तथा इसे काश्तकार आसानी से संचालित कर सकता है। अभी शुरूआत में विभिन्न स्थानों पर काश्तकारों को औगर यंत्र के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। जिसके बाद काश्तकारों की मांग पर यह यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो आरसेटी संस्थान की ओर से स्थानीय स्तर पर औगर यंत्र बनाने के लिए उद्यमियों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।
परियोजना निदेशक के समक्ष किया यंत्र का प्रदर्शन
चंपावत। शनिवार को लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक जर्नादन चिलकोटी और प्रकाश जोशी आदि ने विकास भवन में यंत्र का प्रदर्शन किया। ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट के समक्ष किए गए प्रदर्शन में गिरमिट यंत्र की उपयोगिताओं की जानकारी दी गई।
बिजली विभाग के लिए भी उपयोगी है गिरमिट
चंपावत। लीड बैंक अधिकारी के अनुसार यह यंत्र बिजली विभाग के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। बिजली विभाग को जहां लाइन बिछाने के लिए पोलों की खुदाई में खासी मशक्कत करनी होती है। वहीं गिरमिट यंत्र के माध्यम से यह कार्य कम खर्च में और बेहद आसानी से साथ किया जा सकता है।