डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, हरेला पर्व पर होने वाले पौधरोपण कार्यक्रम एवं मानसून काल की तैयारियों की समीक्षा की। शुक्रवार को आयोजित बैठक में उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए हरगोविंद भट्ट को स्वजल योजना में जलागम को साथ लेते हुए जल स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए स्रोतों के आसपास व्यापक चौड़ी पत्ती एवं जल संग्रहण करने वाले पौधों का रोपण करने और उनकी सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने हरेला पर्व को जल संरक्षण कार्यक्रम से जोड़ते हुए निकटवर्ती वन पंचायत क्षेत्रों में एक लाख पौधे रोपने और स्वजल को जल स्रोतों के आसपास 10 हजार पौधों का रोपण करने को कहा। उन्होंने उद्यान अधिकारी को किसानों की सहमति के साथ उनके खेतों में फलदार पौधों का और जलागम क्षेत्रों में 10 हजार पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय परिसर में सामूहिक रूप से पांच हजार पौधों का रोपण करने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मानसून सत्र में की गई तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने खतरे वाले स्थानों पर मय आपरेटर के जेसीबी एवं अन्य उपकरण स्थापित करने, राहत केंद्रों की स्थापना करने तथा तराई क्षेत्र में जल भराव वाले स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर अनिल गर्ब्याल, परियोजना निदेशक डीआरडीए एचजी भट्ट, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बिलाल युनूस, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती सहित जल निगम, सिंचाई, लघु सिंचाई, उद्यान, जलागम आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया
लोहाघाट (चंपावत)। एलीट चिल्ड्रन एकेडमी बाराकोट में छात्र छात्राओं ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान छात्र छात्राओं ने रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। शुक्रवार को विद्यालय के प्रबंधक राजू गड़कोटी ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि लगातार पेड़ कटते गए तो इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ जाएगा और पेयजल किल्लत, ऑक्सीजन की कमी हो जाएगी जो अच्छे संकेत नहीं होंगे।
उन्होंने बताया कि एलीट चिल्ड्रन एकेडमी द्वारा विगत 5 वर्षों से विद्यालय परिसर के आसपास पौधरोपण कर छायादार, फलदार और पानी के पोषक पौधों का रोपण किया जाता है। वर्षा के जल को एकत्र कर उसे पेड़-पौधों की सिंचाई के काम में लिया जाता है। इस मौके पर किशोर खर्कवाल ने भी विचार रखे। पौधरोपण कार्यक्रम में नवल जोशी, प्रियंका वर्मा, तुलसी गोस्वामी, हरीश कुमार, पंकज गोस्वामी, चंद्रा सामंत, गीता अधिकारी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो