हड़ताली बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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चंपावत जिले भर के राष्ट्रीयकृत बैंकों में शुक्रवार को ताले लटके रहे। हड़ताल से जिले में करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक वित्तीय कारोबार प्रभावित रहा। जिला लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत के अनुसार हड़ताल के चलते जहां तीन करोड़ का वित्तीय लेन देन प्रभावित रहा, वहीं पचास लाख रुपये से अधिक के चैक क्लीयरेंस के चलते अटके रहे।
वहीं, बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया और 2009 में बंद की गई पेंशन सुविधा को दोबारा से बहाल करने सहित यूनियन की सभी मांगों को पूर्ण किए जाने की मांग उठाई। एसबीआई में वैभव कुमार, मनोहर तिवारी, संतोष कुमार के नेतृत्व में अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की गई।
बैंकों में ताला लटकने के कारण दूरदराज से आए उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अलबत्ता एटीएम मशीनों में पर्याप्त कैश होने के कारण लोगों की मुसीबतें कुछ कम हुई। लोहाघाट में भी बैंक की हड़ताल से वित्तीय लेन देन पूरी तरह से प्रभावित रहा। दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोग बैंकों की हड़ताल के चलते मायूस लौट गए। उधर, बनबसा में भी बैंक आफ बड़ौदा और एसबीआई में ताले लटके रहे।
टनकपुर में भी छोटे बैंकों को स्टेट बैंक में विलय करने के फैसले के विरोध में बैंकों की हड़ताल के तहत शुक्रवार को सभी बैंक बंद रहे। हड़ताल के कारण ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक आफ बड़ौदा, नैनीताल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक, पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, कैनरा बैंक के साथ ही स्टेट बैंक में भी ताले लटके रहे। कई बैंकों के एटीएम भी खाली पड़े होने से लोग धन भी आहरित नहीं पाए।