जिला सभागार में बुधवार को भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। शुभारंभ जीआईएस के विशेषज्ञ प्रोफेसर जेएस रावत ने किया।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी सूचनाएं भौगोलिक सूचना तंत्र में अपलोड होने से कार्यों में पेपर पर निर्भरता कम होगी। योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रबंधन व उनकी गहन निगरानी करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जीआईएस पर सूक्ष्म जानकारी अंकित होने से लोगों को घर बैठे कार्यालयों की जानकारी, स्थिति, दूरी आदि की जानकारी एक क्लिक में प्राप्त होगी।
जीआईएस मैपिंग में जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य व जिला मार्ग, सड़कों का नाम, उसमें स्थापित पुल, कॉजवे, स्क्रबर, सरकारी भवन, कार्यालय, जंगल, रेस्ट हाउस, खेल मैदान, उपकरण, गैस व खाद्य गोदाम, पुलिस मुख्यालय, जनसंख्या के साथ गांव, शहर, नगर, मिल्क रूट, हैंडपंप, नलकूप, पंचायतघर, पेयजल लाइनें, पेयजल स्रोत, नदी, तालाब, सिंचाई के साधन, सिंचित व असिंचित भूमि, नहर, खेती, चाल-खाल, बिजलीघर, विद्युत पोलों की संख्या, पेंशनरों व वेतनभोगी कार्मिकों, पशुधन, किसान की संख्या, योजनाओं के अंक्षाश व देशांतर दर्ज कराने होंगे। वहां एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, शिप्रा जोशी, आरसी गौतम, वरिष्ठ कोषाधिकारी एचपी गंगवार, एपीडी विम्मी जोशी, डीडीओ एसके पंत, सीईओ आरसी पुरोहित सहित सभी अधिकारी, पटलों के प्रभारी आदि थे।