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सड़क में लाइन लगा लोग कर रहे बैंक में बारी का इंतजार

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लोहाघाट एसबीआई के बाहर लेन देने के लिए बारी का इंतजार करते लोग। - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना से बचाव के लिए भीड़भाड़ न हो, इसके लिए एसबीआई की लोहाघाट शाखा के प्रबंधन की ओर से एक समय में चार लोगों को बारी-बारी से भीतर बुलाया जा रहा है। लेकिन बैंक के बाहर लाइन में लगने वाले लोगों के लिए कतई सुविधा नहीं है। लोगों को लेनदेन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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संवाद की टीम बृहस्पतिवार सुबह 10.20 बजे एसबीआई पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बैंक के बाहर धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के पालन में भी हीलाहवाली दिखी। बैंक के भीतर जाने वाले लोगों को सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। लेन देन के लिए आने वाले लोगों कोे धूप या बारिश से बचाने के लिए बैंक ओर से कोई इंतजाम नहीं था।
वरिष्ठ नागरिकों को भी धूप में बैंक के बाहर लाइन में लगकर बारी का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बैंक में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लेनदेन की अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं है।
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लाइन में लगने को मजबूर वरिष्ठ नागरिक
रकम स्थानांतरण करने आए रेगड़ू निवासी 69 वर्षीय हयात सिंह का कहना था कि बैंक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बैंक के बाहर आम लोगों की तरह ही वरिष्ठ नागरिक लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
नाकाफी हैं दो काउंटर
डैंसली के 71 वर्षीय पूर्व फौजी नारायण सिंह बिष्ट का कहना था कि बैंक में लेनदेन के लिए मात्र दो काउंटर होने से दिक्कत हो रही है। उन्हें एक घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ा।
लाइन में लगने वालों के लिए सुविधाएं नहीं
चौमेल से रकम निकालने आई 65 वर्षीय झूपा देवी का कहना है कि बैंक के भीतर तो बारी-बारी से बुलाया जाता है। लेकिन बैंक के बाहर लाइन में लगने वाले लोगों के लिए कोई सुविधाएं नहीं हैं।
पासबुक में इंट्री को लग गया आधा घंटा
कोयाटी की पूजा को पासबुक में इंट्री करानी थी। वह करीब आधे घंटे से लाइन में लगी हुई थी। एंट्री कराने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
बुजुर्गों की नहीं ली जा रही है सुध
खाईकोट की ललिता देवी का कहना है कि बैंक में बुजुर्गों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। बैंक के बाहर धूप हो या बारिश बुजुर्गों को आम लोगों की भांति ही लाइन में लगना पड़ता है।
थक कर सीढ़ियों में बैठ गए बुजुर्ग पीतांबर
पाटन-पाटनी के 80 वर्षीय पीतांबर पाटनी बारी का इंतजार करते-करते थक गए। वह बैंक की सीढ़ियों में 15 मिनट बैठे रहे। कहते हैं कि लेनदेन में काफी समय लगने से बुजुर्गों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
कोट
भीड़ अधिक होने पर बैंक तीन कांउटरों से सेवा संचालित करता है। बैैंक का प्रयास है कि ग्राहकों को जल्द से जल्द लेनदेन की सुविधा मिलने के साथ दिक्कतें न हो।
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नरेंद्र कुमार,
शाखा प्रबंधक, एसबीआई लोहाघाट।
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