लोहाघाट (चंपावत)। नगर की पेयजल की समस्या का समाधान न होने पर लोगों का पारा चढ़ गया। पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए। जल्द पेयजल समस्या का समाधान न करने पर आगामी नगर निकाय चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। आक्रोशित लोगों ने अधिकारियों का घेराव कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर नगर के लोगों ने नगर पालिका के बरात घर से एसडीएम कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। उन्होंने एसडीएम कार्यालय में जल संस्थान, जल निगम और सिंचाई विभाग के अभियंताओं का घेराव किया। लोगों ने जल संस्थान पर सीवर युक्त दूषित पानी की सप्लाई करने का आरोप लगाया। कहा कि दूषित पानी पीने से पीलिया, टायफायड और चर्म रोग हो रहे हैं। इसके साथ नगर के लोगों को तीसरे और चौथे दिन पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द पेयजल समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।
लोगों ने निर्णय लिया कि वह एक शिष्टमंडल लेकर मुख्यमंत्री के पास जाएंगे। इसमें सरयू लिफ्ट पेयजल योजना और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की जाएगी। इस मौके पर नवीन मुरारी, पीएस मेहता, भूपाल सिंह मेहता, राजू गड़कोटी, भैरव राय, शैलेंद्र राय, उमेश पांडेय, राजकिशोर साह, दीपक नाथ, नवीन नाथ, सतीश पांडेय, पंकज ढेक, संदीप गोरखा, दीपक साह, विनोद कोठारी, केपी ढेक, राजेंद्र सिंह रावत, भैरव राय आदि शामिल रहे।
समाधान नहीं आज तक
लोहाघाट। लोहावती नदी के प्रदूषित पानी को चौड़ी लिफ्ट पेयजल के जरिए लोहाघाट नगर में वितरित किया जाता है। हर साल गर्मी के मौसम में यह समस्या बनी रहती है। इसका स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया है। पानी को फिल्टर भी किया जाता है, लेकिन इस पानी को लोगों के लिए पीना आसान नहीं होता है। लोगों को सरयू लिफ्ट पेयजल योजना का इंतजार है। इसकी घोषणा सीएम ने की थी।
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जल संस्थान के अधिकारियों को नियमित पेयजल टैंकों की सफाई के निर्देश दिए हैं। पुरानी पेयजल योजना के पुनर्गठन का प्रस्ताव जिला योजना में रखा जाएगा। जिला योजना में सोलर हैंड पंपों की संख्या बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहाघाट नगर के लिए सरयू लिफ्ट पेयजल योजना की घोषणा की थी, विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी है। - रिंकू बिष्ट, एसडीएम लोहाघाट
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स्वास्थ्य विभाग के साथ एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी। नियमित रूप से पानी के सैंपल लिए जाएंगे। जांच में पानी मानकों के अनुसार सही नहीं पाया जाता है तो तत्काल पानी की सप्लाई को रोकते हुए उसे शुद्ध का उपचार किया जाएगा। - बिलाल यूनुस, ईई, जल संस्थान चंपावत
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नगर में पानी की कमी के चलते तीसरे या चौथे दिन पानी मिल पाता है। जगह जगह पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से एक ओर पानी सड़कों पर बहता है, दूसरी ओर लोग प्यासे रह जाते हैं। - बीना कन्नौजिया, पूर्व सभासद, लोहाघाट
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लोहाघाट नगर में करीब 30 सालों से पेयजल समस्या बनी हुई है, जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है। कुछ समय से गंदा और बदबूदार पानी लोगों के नलों में आ रहा है। दूषित पानी पीने से पीलिया, टायफायड, चर्मरोग की चपेट में आ रहे हैं। - गोविंद वर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष, लोहाघाट
चंपावत के लोगों को नहीं मिल रहा पानी
चंपावत। क्वैराला पंपिंग योजना से लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। पंपिंंग योजना के एक पंप में लो वोल्टेज की समस्या के चलते पानी पंप होने में समय लग रहा है। इस समस्या को देखते हुए नगर में रोस्टर से व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसके बाद भी पानी नहीं मिल रहा है।
नगर के लोगों का कहना है कि कई स्थानों में दो दिन बाद पानी मिल रहा है। रोस्टर प्रणाली भी कारगर साबित नहीं हो रही है। पानी की समस्या के कारण लोग पीने का पानी ललुवापानी सड़क में स्थित एक पेयजल स्रोत से ला रहे हैं। 15 लीटर का बर्तन भरने में करीब 15 मिनट लग रहे हैं। स्रोत में भीड़ होने पर उन्हें इंतजार भी करना पड़ रहा है। इधर जल निगम के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि वोल्टेज की समस्या को लेकर काम किया जा रहा है। जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा। वर्तमान में रात और दिन एक ही पंप से पानी पंप कर नगर में स्टोर कर आपूर्ति की जा रही है।
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गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। क्वैराला पंपिंग योजना से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। पानी नहीं आने के कारण पूरा दिन खराब जा रहा है। - ललित मोहन पांडे, गौरलचोड़ मार्ग, चंपावत।
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करोड़ों की लागत से क्वैराला पंपिंग योजना का निर्माण किया गया है। जल निगम इसकी देखरेख करता है। अगर कोई समस्या है तो इसका स्थाई समाधान निकाला जाए। गर्मी में तो पानी बहुत जरूरी है। - राजेश पंत, भेट्टी मोहल्ला, चंपावत।
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जरूरत का 25 फीसदी भी नहीं मिल रहा पानी
चंपावत। लोहाघाट नगर की आबादी को हर रोज 2160 लीटर पानी की जरूरत होती है। नगर में चौड़ी, बनसार, फोर्ती पेयजल योजना और शिवालय स्थित नलकूप से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन मांग के अनुरूप 25 फीसदी पानी भी लोगों को नहीं मिल रहा है। इधर, चंपावत नगर में ढाई एमएलडी पानी की जरूरत हैं, लेकिन वर्तमान में मांग के अनुरूप डेढ़ एमएलडी पानी भी मुश्किल से मिल रहा है। संवाद
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पिथौरागढ़ नगर में रोस्टर से मिल रहा पानी
क्रासर: 12.50 एमएलडी के सापेक्ष मिल रहा 7.50 एमएलडी पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में पानी की किल्लत दूर नहीं हो रही है। करोड़ों रुपये की योजनाएं होने के बाद भी लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में प्रतिदिन 12.50 एमएलडी पानी की जरूरत है। आंवलाघाट पंपिग पेयजल योजना, घाट पंपिंग योजना, ठुलीगाड़, रई आदि योजनाओं से 7.50 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो रहा है। जल संस्थान ने पेयजल वितरण के लिए नगर को पांच जोन में बांटा है। हनुमान मंदिर, नगरपालिका, भाटकोट और बजेटी, पीडब्ल्यूडी जोन में बांटा है। संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है।
शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी जोन में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इसके चलते लोगों को निजी हैंडपंप और स्टैंड पोस्ट का सहारा लेना पड़ा। जोशी ने बताया कि बीते दिन हुई बारिश से ठुलीगाड़ में पानी बढ़ा है। मानसून सीजन शुरू होने पर भैलोत योजना से भी पानी मिलने लगेगा। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पेयजल स्रोतों में भी कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।