बेटे के यज्ञोपवीत कार्यक्रम के बावजूद मतदान को गए प्रशासनिक अधिकारी महेश जोशी और उनकी पत्नी।
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लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी क्या होती है इसकी मिसाल मतदान के दिन बृहस्पतिवार को चंपावत में नजर आई। यहां एक परिवार ने मतदान के महत्व को समझते हुए दो दिनी यज्ञोपवीत संस्कार की रस्म को शुरू करने से पूर्व मतदान के दायित्व को निभाया।
चंपावत से चार किलोमीटर दूर पूल्ड हाउस के पास पंडित गौरीशंकर जोशी के पौत्र गौरव और विनय जोशी का यज्ञोपवीत था। बृहस्पतिवार से शुरू यज्ञोपवीत दो दिन तक चलना था। सुबह से तमाम धार्मिक रस्म-रिवाज शुरू होने थे। तभी पंडित गौरीशंकर जोशी के बेटे लोक निर्माण विभाग में प्रशासनिक अधिकारी महेश जोशी ने परिवार के सभी लोगों को वोटिंग के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने इसके लिए यज्ञोपवीत कराने वाले पुरोहित पंडित बसंत पांडेय से आग्रह किया। इसके बाद आठ बजे परिवार के सदस्य निर्मला देवी, महेश जोशी, नीलम, पार्वती, प्रेमा जोशी ने दो किमी दूर कुलेठी स्कूल के मतदान केंद्र में वोट दिया।
महेश जोशी का कहना है कि यज्ञोपवीत संस्कार धार्मिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है, वहीं पांच साल में एक बार होने वाले चुनाव अच्छी सरकार को चुनने के लिए अहम है। इसी के चलते उन्होंने मतदान के लिए सबको प्रेरित किया। मान्यता के मुताबिक यज्ञोपवीत संस्कार के बाद ही बालक को धार्मिक कार्य करने का अधिकार प्राप्त होता है।