टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग से स्वांला के पास ?
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान यहां से करीब 20 किमी दूर स्वांला में कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों ने जल्द बचाव के उपाय करने की प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड से गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच पर कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार निर्माण में देरी से स्वांला में सड़क से लगे मकान का आंगन और शौचालय खतरे की जद में आ गया है। बृहस्पतिवार शाम को भवन में कई जगह दीवार में भी दरार आ गई है। इससे पूरे मकान के गिरने का अंदेशा पैदा हो गया है। भवन स्वामी लीलाधर भट्ट और हरीश भट्ट का कहना है कि सड़क कटिंग के तुरंत बाद सुरक्षा दीवार नहीं बनाए जाने से यह नौबत आई है।
नंदाबल्लभ, प्रकाश चंद्र, हेम चंद्र, रमेश चंद्र, भुवन चंद्र, जगदीश चंद्र आदि के मकानों को भी खतरा है। लोगों ने जल्द बचाव के जरूरी कदम उठाने की मांग की है। एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने कहा कि ग्रामीणों के भवन पर खतरे के मद्देनजर निर्माण करा रही कंपनी से जल्द बचाव के जरूरी उपाय करने को कहा गया है।
निर्माण अवधि को विस्तार का अभी भी हो रहा इंतजार
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क के निर्माण की अवधि 30 नवंबर को पूरी हो गई है लेकिन करीब 30 प्रतिशत काम अभी भी बाकी है। निर्माणदायी कंपनियों ने सड़क निर्माण के लिए कार्य अवधि विस्तार के लिए एनएच को पत्र भेजा है।
उन्होंने अप्रैल 2020 तक का वक्त मांगा है। एनएच के लोहाघाट खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि पत्रावली केंद्रीय सड़क मंत्रालय में विचाराधीन है। विस्तार नहीं मिलने की दशा में हर रोज 0.25 प्रतिशत रकम के हिसाब से कटौती की जाएगी।