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ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों ने आरजीबी कंपनी का दफ्तर घेरा

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कोतवाली में कोतवाल धीरेंद्र कुमार की मध्यस्थता में वार्ता करते पेटी ठेकेदार, गाड़ी मालिक और आरज? - फोटो : TANAKPUR
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बारहमासी सड़क निर्माण की ठेकेदार कंपनी आरजीबी विल्ड वेल की ओर से पेटी ठेकेदार और गाड़ी मालिकों को भुगतान नहीं किए जाने का विवाद गरमा गया है। ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों ने कंपनी कार्यालय में हंगामा किया।
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मामला पुलिस तक पहुंचा तो कंपनी प्रतिनिधि की ओर से भुगतान नहीं किए जाने तक साइड पर काम नहीं करने और कंपनी का दफ्तर नहीं खोलने के आश्वासन पर ठेकेदार और गाड़ी मालिक शांत हुए।
ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों का आरजीबी कंपनी से लेनदेन का विवाद चल रहा है। शुक्रवार को मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब गुस्साए ठेकेदार और गाड़ी मालिक कंपनी के दफ्तर पहुंचे और भुगतान की मांग करने लगे। ठेकेदारों के तेवर देख कंपनी मैनेजर कौशल चौहान वहां से चले गए। दफ्तर में मौजूद कंपनी कर्मचारियों ने भी हालात देख दफ्तर बंद कर दिया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए कोतवाली बुलाया। कोतवाल धीरेंद्र कुमार की मध्यस्थता में हुई वार्ता में कंपनी प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने आश्वासन दिया कि जब तक कंपनी ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों का भुगतान नहीं कर देगी वे साइड पर काम नहीं करेंगे और दफ्तर भी नहीं खोलेंगे। वार्ता में ठेकेदार वीरू चंद, गुमान सिंह, हयात सिंह, जमन सिंह महर, राजू भंडारी, गाड़ी मालिक पूरन सिंह महरा आदि मौजूद थे।
आरोप गलत, कर्मचारियों के साथ की गई है मारपीट
भुगतान नहीं करने का आरोप गलत है। रनिंग पेमेंट हो रही है। पेटी ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों ने कंपनी के दफ्तर मेें आकर कर्मचारियों के साथ मारपीट और बदसलूकी की है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी जा रही है। कंपनी का दफ्तर भी खुलेगा और साइड पर काम भी जारी रहेगा। कौशल चौहान, मैनेजर आरजीबी विल्ड वेल कंपनी।
तहरीर मिलने से पुलिस का इनकार
एसएसआई राजेंद्र सिंह डांगी का कहना है कि फिलहाल पुलिस को आरजीबी कंपनी की ओर से पेटी ठेकेदारों और गाड़ी मालिकों के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई है। यदि तहरीर दी जाएगी तो कार्रवाई होगी।
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