चंपावत। सड़क सुविधा नहीं होने से पाटी विकास खंड का सिमली गांव आज भी मुख्यधारा से कटा है। ग्राम पंचायत मौनकांडा के सिमली तक सड़क नहीं पहुंचने के कारण लोगों को पांच किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है। मरीजों और गर्भवतियों को डोली के सहारे नजदीकी सड़क तक लाया जाता है। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है।
आंबेडकर गांव सिमली में वर्तमान में 55 परिवार निवास करते हैं। कभी यहां 75 परिवार हुआ करते थे, लेकिन सड़क सुविधा के अभाव में 25 परिवार पलायन कर चुके हैं। करीब 25 प्रसव अस्पताल जाते समय रास्ते में हुए हैं। ग्रामीण लंबे समय से सिमली से बलुवा नामक स्थान तक सड़क काटने की मांग कर रहे हैं। सड़क बनने से पाड़ासोंसेरा, जौड़ी, सूराकोट, सिमलटुकरा आदि गावों की आबादी को लाभ मिलेगा।
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सड़क नहीं होने से दिक्कतें होती हैं। बीमार और गर्भवतियों को अस्पताल तक पहुंचाना काफी मुश्किल होता है। - देव राम, स्थानीय, सिमली।
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सड़क के अभाव में गांव से लोग पलायन कर रहे हैं। सड़क निर्माण कार्य होता तो मूलभूत सुविधा का लाभ मिलता। - गोपाल राम, स्थानीय, सिमली।
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आठ किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण किया जाएगा। - राजेंद्र गिरी, सहायक अभियंता, लोनिवि लोहाघाट।