पुलहिंडोला के मिनी ट्यूबवैल में लगा पंप सैट।
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गुमदेश क्षेत्र के पुलहिंडोला के लोगों को जल्दी ही पेयजल समस्या से निजात मिल जाएगी। जल निगम ने यहां लगाए गए ट्यूबवेल का परीक्षण कर लिया है। परीक्षण के दौरान इसमें पर्याप्त पानी मिला है। पेयजल आपूर्ति के लिए यहां बनाए गए टैंक और पेयजल लाइन का ट्रायल भी सफल रहा। जल निगम के अनुसार एक सप्ताह बाद यहां के लेागों को ट्यूबवेल का पानी मिलेगा।
पुल हिंडोला के लोग लंबे समय से जल संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र की पेयजल समस्या के लिए 2014 में 1.27 करोड़ रुपये की लागत से मिनी ट्यूबवेल स्वीकृत किया गया था। इस ट्यूबवेल से क्षेत्र की करीब दो हजार की आबादी को 18 स्टैंडपोस्ट के जरिए पानी दिया जाना था। मगर धन मिलने में देरी का असर काम की प्रगति पर भी पड़ता रहा। ट्यूबवेल के अवशेष कार्य को पूरा करने की मांग को लेकर तीन माह पूर्व क्षेत्र के लोगों ने 10 दिन तक धरना दिया था। योजना के तहत एक लाख लीटर क्षमता का मुख्य पेयजल टैंक का निर्माण किया गया है।
जल निगम के अनुसार शुक्रवार को ट्यूबवेल का परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया गया कि ट्यूबवेल से 300 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से पानी की आपूर्ति हो रही है। जल निगम के अवर अभियंता महेंद्र सिंह का कहना है कि मिनी ट्यूबवेल के लिए शासन की ओर से स्वीकृत 1.27 करोड़ के सापेक्ष अभी भी सिर्फ 67 लाख रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। फिलहाल ठेकेदारों से उधारी में पंप सैट खरीदे गए हैं। उनका कहना है कि एक सप्ताह बाद ट्यूबवेल का पानी लोगों को मिलना शुरू हो जाएगा।
फिलहाल हैंडपंप, गधेरों व नौलों से प्यास बुझाते हैं ग्रामीण
पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी ट्यूबवेल सुचारु रूप से चालू होने के बाद ग्रामीणों को पेयजल किल्लत से निजात मिलेगी। वर्तमान में यहां के लोग पानी के लिए तीन हैंडपंप के अलावा गधेरे व नौलों पर निर्भर हैं। लेकिन इसमें भी लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। पुलहिंडोला में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जीआईसी, भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, दूरभाष केंद्र सहित कई कार्यालय हैं।