बनबसा के गढ़ीगोठ के रामलीला मंचन में दशरथ-कैकयी संवाद का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक
टनकपुर (चंपावत)। नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मैदान में रामलीला जारी है। चौथे दिन राम वनवास की लीला का मंचन किया गया। कैकेयी ने भरत को राज्य और राम को 14 वर्षों के लिए वनवास मांगा। राम, पिता की आज्ञा को परम धर्म मानकर वनवास स्वीकार कर लेते हैं। राम, सीता और लक्ष्मण के वनगमन के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन देखने के लिए नगर व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत उत्तरांचल रामलीला समिति ज्ञानखेड़ा में राजा दशरथ और महारानी कैकेयी के पात्रों की भूमिका वास्तविक जीवन में पति नारायण चिलकोटी और पत्नी जया चिलकोटी ने निभाई। समिति के मंचन के इतिहास में पहली बार किसी दंपती ने मंच साझा किया। दर्शकों ने दोनों के अभिनय को खूब सराहा। वहां कमेटी अध्यक्ष अंबा दत्त पंत, भरत मौनी, जगदीश उप्रेती, मोहन सिंह, राजेंद्र अधिकारी, अमर सिंह, महेश जोशी, मुकेश जोशी आदि थे। संवाद
नेपाली दर्शक भी पहुंच रहे गढ़ीगोठ में रामलीला देखने
बनबसा (चंपावत)। गढ़ीगोठ की ऐतिहासिक रामलीला में बीते दिवस सीता स्वयंवर से दशरथ-कैकयी संवाद की लीला का मंचन किया गया। गढ़ीगोठ की रामलीला देखने के लिए पड़ोसी देश नेपाल के चांदनी दोधारा से भी दर्शक पहुंच रहे हैं। दशरथ का पात्र राजू जोशी, कैकयी का मुकेश कुमार, राम का किशन भट्ट, लक्ष्मण का आदित्य बिष्ट और सीता का पात्र ललित ठगुन्ना ने निभाया। इधर, भजनपुर की रामलीला में केवट-श्रीराम संवाद, सुमंत का अयोध्या लौटना, दशरथ मरण, भरत मिलाप, शत्रुघ्न-मंथरा संवाद और अनुसूईया-राम संवाद की लीला का मंचन किया गया। केवट का पात्र पंकज गुरुंग, दशरथ का केवल पांडेय, मंथरा का रवि भट्ट, शत्रुघ्न का रोहित पांडे और सुमंत का पात्र प्रकाश गोस्वामी ने निभाया। संवाद