चंपावत। जनपद वासी ‘भागीरथ’ मोबाइल ऐप से सूख चके जल स्रोतों का डाटा अपलोड कर सकते हैं। ऐप में एक बार पहचान हो जाने के बाद सरकार उनके पुनरुद्धार और संरक्षण की दिशा में काम करेगी। यह बातें डीएम नवनीत पांडे ने जिला गंगा संरक्षण समिति और सारा की बैठक के दौरान कहीं।
शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला सभागार में बैठक हुई। उन्होंने नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिकारियों को सीवरेज, बायोमेडिकल निस्तारण, ठोस कूड़ा निस्तारण और जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
डीएम ने जिला गंगा समिति के अधिकारियों से वर्तमान में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और जनपद के विभिन्न स्थानों पर नदियों में दूषित जल, अपशिष्ट कचरा और अन्य प्रकार की गंदगी प्रवाहित करने पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निकायों, ग्राम पंचायतों , जिला पंचायत और खंड विकास अधिकारियों को निरंतर साफ सफाई अभियान चलाने को कहा।
सारा परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के ग्रामवासियों ने मोबाइल ऐप में 98 जल स्रोतों को अपलोड किया है। डीएम ने पेयजल निगम को बोरिंग, जिला पंचायत राज अधिकारी को 15-20 वर्षो में पूर्णतया सूखे जल स्रोतों और नलकूप विभाग को पांच दिन के भीतर मैदानी इलाकों में क्रिटिकल भूजल वाले स्थलों को चिह्नित कर डाटा प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही सारा के सदस्य अधिकारियों को जल संरक्षण, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के लिए कहा।
समीक्षा बैठक के दौरान डीएफओ डॉ. नवीन चंद्र पंत, सीडीओ संजय कुमार सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी धनंजय कुमार, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, जिला पंचायती राज अधिकारी उमेद जोला, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बिलाल यूनुस, पेयजल निगम वीके पाल आदि मौजूद रहे।