लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने से किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं। किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से चंपावत जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने की मांग की है।
किसान महेश चंद्र, राजेंद्र राय, गणेश दत्त, गिरीश चंद्र, शंकर दत्त ने बताया कि उन्होंने आलू की कुफरी, ज्योति, चिप्सोना, जलंधर, एलपीएस आदि प्रजाति के काफी महंगे बीज लगाए हैं। बारिश न होने से उनके खेत सूखे पड़े हैं। आलू उग नहीं पा रहे हैं। बाराकोट ब्लाॅक के नौमाना, इजड़ा, लोहाश्री, रावल गांव, दैगांव, सिमलटुकरा, पाटी क्षेत्र के तपनीपाल, खेतीखान, मानर, बाजगांव, पोखरी, धूनाघाट, लोहाघाट के रायनगर चौड़ी, फोर्ती, पाटन पाटनी, राइकोट, सुई स्थानों में पिछले लगभग पांच माह से बारिश नहीं हुई है। खेतों की नमी सूखने के बाद मजबूरी में किसानों ने आलू बीज लगाया। कहीं कहीं बीज उग भी गया लेकिन अब बढ़त पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
किसान राम सिंह, प्रताप सिंह, हरीश चंद्र, कैलाश चंद्र जोशी, दिनेश सिंह ने बताया कि उन्होंने बाजार से 1800, 1500 रुपये और ब्लॉक से 1000 रुपये के हिसाब से 50 किलो आलू के बीज का कट्टा खरीद कर लगाया था। जंगली जानवरों से आलू की सुरक्षा के लिए वे खेतों के पास ही झोपड़ी बनाकर रहा रहे हैं लेकिन बारिश न होने से सारी मेहनत बेकार हो गई है। किसान दान सिंह ने बताया आलू का बीज उधार लेकर लगाया लेकिन बारिश न होने की वजह से आलू के पौधे ग्रोथ नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को नुकसान हुआ है। एडीओ आशीष रंजन खर्कवाल ने बताया कि क्षेत्र में पांच माह से पर्याप्त बारिश नहीं होने से आलू समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। फसलों के लिए एक माह में दो बार अच्छी बारिश की जरूरत होती है। बारिश न होने पर आलू उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।