लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के लोहाघाट डिपो में जल्द ही बसों की कमी होने वाली है। डिपो ने पुरानी मानक पूरी कर चुकीं बसों को नीलामी में भेजने की कार्यवाही शुरू कर दी है। डिपो में बसों की कमी से यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। यात्रियों को सुविधाएं देने के लिए डिपो को नई बसों की आवश्यकता है।
रोडवेज के लोहाघाट डिपो में नई-पुरानी 43 बसों का बेड़ा है। इसमें से पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकीं पांच बसों को नीलामी के लिए भेज दिया है। चार और बसों को जल्द नीलामी के लिए भेजा जाएगा। नौ बसों के नीलामी में जाने के बाद डिपो के पास 34 बसें रह जाएंगी। नौ बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा होने के बावजूद भी दौड़ाई जा रही हैं। 12 नई बसें केवल दिल्ली रूट पर संचालित हो रही हैं जबकि 13 बसें लाखों किलोमीटर का सफर तय करने के बाद मानक पूरे होने की ओर बढ़ रही हैं। रोडवेज डिपो प्रतिदिन दिल्ली, गुरुग्राम, बरेली, काशीपुर, नैनीताल, देहरादून, पोंटासाहिब, हल्द्वानी आदि रूटों पर 15 बसों का संचालन करता है। डिपो में बसों की कमी के चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है
रोडवेज डिपो से पांच मानक पूरी कर चुकी बसों को नीलामी के लिए भेज दिया गया है। जल्द ही चार और बसों को नीलामी के लिए भेजा जाएगा। नौ बसों की नीलामी के बाद डिपो में 34 बसें रह जाएंगी। करीब 20 नई बसेंं डिपो को उपलब्ध कराने के लिए निगम मुख्यालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
धीरज वर्मा, एजीएम, लोहाघाट डिपो