टनकपुर (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को रेफर होना पड़ रहा है। सोमवार को अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर पड़ताल की गई।
चिकित्सा सुविधा के लिए उप जिला अस्पताल में 42 बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है। पहाड़ से हादसों के रेफर मरीजों का भी दबाव अस्पताल पर रहता है। अस्पताल में चिकित्सक समेत स्टाफ के 63 पद स्वीकृत हैं। इनमें 17 रिक्त हैं। सर्जन, नेत्र चिकित्सक, आर्थो सर्जन समेत अनेक प्रमुख चिकित्सक तैनात है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 300 से अधिक की ओपीडी होती है। वार्डों में 22 मरीज भर्ती मिले। बताया गया कि रक्त केंद्र न होने से जरूरतमंदों को खटीमा आदि स्थानों से रक्त लाना पड़ रहा है। फिजीशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से सर्वाधिक दिक्कत आ रही है। इससे गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।
भर्ती मरीज बोले- वायरल फीवर होने पर हुए थे भर्ती, इलाज ठीक हो रहा
टनकपुर (चंपावत)। मौसमी बीमारी वायरल फीवर के मरीज भी बढ़ गए हैं। सोमवार को 22 भर्ती मरीजों में आठ मरीज वायरल फीवर के मिले। इनमें दूरस्थ तलियाबांज के मरीज नवीन ने बताया कि उनको चार दिन पहले वायरल हो गया था। क्षेत्र में अस्पताल नहीं होने के कारण वह यहां आए हैं। बनबसा सेना कैंप क्षेत्र निवासी संजय कुमार ने बताया कि वह खांसी, बुखार से पीड़ित हैं और तीन दिनों से भर्ती हैं। अस्पताल में सुविधाएं और बेहतर करने की जरूरत है। संवाद
उप जिला अस्पताल में फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। रक्त केंद्र नहीं होने से दिक्कत आ रही है। इसके लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। न्यूरो सर्जन से संबंधित मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर करना पड़ता है। उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग कर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
डाॅ. घनश्याम तिवारी, सीएमएस, उप जिला अस्पताल टनकपुर।