बनबसा (चंपावत)। सवारियों को नेपाल ले जाने वाली भारतीय टैक्सी वाहनों को नेपाल में प्रवेश नहीं देने से नाराज टैक्सी चालकों ने सीमा पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने वाहनों को पूर्व की तरह प्रवेश नहीं दिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भारतीय टैक्सियों के नेपाल में प्रवेश पर वहां के प्रशासन ने रोक लगा दी है। इससे भारतीय टैक्सी चालकों में नाराजगी है। इस संबंध में भारतीय टैक्सी यूनियन पदाधिकारी दो बार कंचनपुर (नेपाल) के सीडीओ (जिलाधिकारी) लक्ष्मण ढकाल से मिले लेकिन उन्हें को सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। शनिवार को बनबसा टैक्सी संचालकों ने बनबसा बैराज पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।
बनबसा थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कोरंगा ने टैक्सी संचालकों को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांग से पुलिस के उच्चाधिकारियों और एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम आकाश जोशी के तीन दिन में समाधान करने के आश्वासन पर टैक्सी संचालकों ने सांकेतिक प्रदर्शन समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में टैक्सी यूनियन अध्यक्ष रफी अंसारी, उपाध्यक्ष संजय सिंह, सचिव आर्यन अग्रवाल, महासचिव सोहन रौतेला, चंदन रौतेला, पुष्कर भट्ट, राशि मंसूरी आदि थे।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
बनबसा टैक्सी यूनियन ने समस्या के संबंध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि नेपाल प्रशासन भारतीय टैक्सियों को नेपाल में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। भारत-नेपाल सीमा पिलर संख्या सात पर भारतीय टैक्सियों को रोका जा रहा है। इससे बाहर से आने वाले नेपाली यात्री बनबसा के रास्ते नेपाल जाने से मना कर रहे हैं। ऐसे में बनबसा के करीब 200 टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूर्व की तरह बनबसा की टैक्सियों को नेपाल प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई तो यूनियन आंदोलन के लिए बाध्य हाेगी।