बनबसा (चंपावत)। नेपाल में निर्माणाधीन सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) को जोड़ने को भारतीय सीमा तक बनने वाली सड़क के लिए गुदमी में मिटृी भरान से ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि समय रहते बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बाढ़ से नुकसान होगा। इसके लिए एनएचएआई, कार्यदायी संस्थाएं और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
नेपाल में बनने वाले सूखा बंदरगाह तक भारत-नेपाल एनएच 109 का निर्माण कार्य चल रहा है। विगत दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी इसका निरीक्षण किया था। बनबसा जगबूड़ा पुल से गुदमी होते हुए सड़क का निर्माण नेपाल सीमा तक किया जा रहा है। गुदमी में सड़क निर्माण को मिट्टी भरान किया गया है। पिछले वर्ष इसी भरान से बरसाती पानी का बहाव थम गया था। इससे क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी। ग्रामीण बरसात से पूर्व बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में निवर्तमान जिपं सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने सांसद को भी पत्र भेजा है।
एक किशोरी की बह जाने से हुई थी मौत
बनबसा (चंपावत)। पिछले वर्ष आठ और 13 जुलाई को हुई बारिश से बनबसा के देवीपुरा, गुदमी, पचपकरिया, पचपकरियागोठ, देशीफार्म, रेलवे लाइन, बमनपुरी, चंदफार्म, चूनाभट्टा गांवों के घरों में आठ से 10 फीट तक पानी भर गया था। एक किशोरी की बह जाने से मौत हो गई थी और कई मवेशी हताहत हुए थे। घरों में रखा साल भर का अनाज समेत सामान बर्बाद हुआ था। करीब 175 परिवारों को विस्थापित करना पड़ा था। रेत भरने से कई एकड़ कृषि भूमि बंजर हुई है।