चंपावत। नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले में केमू (कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड) यातायात व्यवस्था का मजबूत आधार थी। कुछ साल पहले तक उसके दो बस स्टेशन थे लेकिन अब न केवल ये दोनों स्टेशन बंद हो चुके हैं। यहां से दो बसों का संचालन भी नहीं होता। इससे लोगाें को आवाजाही में भारी दुश्वारी हो रही है।
जिले में कभी केमू के दो (टनकपुर और चंपावत) स्टेशन होते थे। पूर्णागिरि धाम सहित दूरदरराज के कई मार्गों पर बस सेवा थी। 2017 तक ये दोनों स्टेशन बंद हो गए। बस चंपावत में बस स्टेशन के पास केमू का बोर्ड लटका है। स्टेशन नहीं होने से केमू की बसों की खास सुविधा नहीं है। इस वक्त केमू की चंपावत से देवीधुरा होते हुए हल्द्वानी तक एक बस संचालित की जा रही है। केमू के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुछ दिनों पूर्व डीएम नवनीत पांडे से मुलाकात कर बस सेवा संचालन करने के लिए दूरदराज के मार्गों का परमिट देने का आग्रह किया है।
जिले में रोडवेज के दो डिपो लेकिन दूरदराज गांवों के लिए बस नहीं
चंपावत। जिले में रोडवेज के दो (टनकपुर और लोहाघाट) डिपो होने के बावजूद जिला मुख्यालय में बस सेवा के हाल ठीक नहीं है। चंपावत से एक सीधी बस सेवा नैनीताल की है। दोनों डिपो से जिले के दूरदराज के क्षेत्रों के लिए एक भी बस सेवा नहीं है। नेपाल सीमा से लगे पंचेश्वर, रौसाल, पुलहिंडोला, दिगालीचौड़, तामली आदि मार्गों पर कोई बस सुविधा नहीं है। इस कारण न किफायती बस सेवा मिल पा रही है और न ही वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क सुविधा का लाभ।
परमिट नहीं मिलने से केमू कई मार्गों पर बसों का संचालन नहीं करा पा रहा है। परमिट नहीं मिलने से केमू 350 बस बेड़े में से रोज 175 बसों का संचालन नहीं करा पा रहा है। चंपावत जिले मेें बस स्टेशन के नियमित संचालन के साथ कुमाऊं के कई नए मार्गों पर बस सेवा चलाने के लिए प्रशासन से आग्रह किया है।
हिम्मत सिंह नयाल, अधिशासी निदेशक, केमू, हल्द्वानी।