लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड के सुंई डुंगरी-कोलीढेक मार्ग की बदहाली पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने लोनिवि से जल्द बदहाल मार्ग की हालत सुधारने की मांग की है।
स्थानीय सुधीर चतुर्वेदी, किशोर चतुर्वेदी, भुवन चौबे, दीपक पांडेय, गौरव पांडेय, विनोद पुजारी, मनोज पुजारी और मनोज चौबे ने बताया कि सुंई डुंगर-कोलीढेक डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क बदहाल हो चुकी है। पूर्व में किया गया डामर पूरी तरह से उखड़ गया है। जर्जर मार्ग से आवाजाही करने में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना आईटीबीपी कर्मी, कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारी, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय और जीआईसी के छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय लोग आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे बनीं नालियां चोक है, कलवर्ट बंद हैं और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हुए हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
कोट
सुंई डुंगरी-कोलीढेक मार्ग पर आधा किलोमीटर मार्ग ठीक है। शेष एक किलोमीटर मार्ग के नवीनीकरण का प्रस्ताव बनाकर प्रमुख अभियंता कार्यालय में भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर ददा जाएगा। - हितेश कांडपाल ईई लोनिवि लोहाघाट
खराब सड़क पर जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही
मैरोली से बड़ेत गांव तक जर्जर है मार्ग, 10 से अधिक परिवार कर चुके हैं पलायन
संवाद न्यूज एजेंसी
पाटी,चंपावत। पाटी ब्लाॅक के मैरोली से बड़ेत गांव तक सड़क 13 साल से बदहाल है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष 2012-13 में प्रधान पति सतीश सिंह लडवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए और क्षेत्र से पलायन को रोकने के लिए सरकार से गांव तक सड़क बनवाने की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर सतीश लडवाल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मनरेगा योजना से तीन किमी कच्ची सड़क का निर्माण किया लेकिन लगातार हो रही बारिश से सड़क जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त हो गई। इससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई हैं।
सड़क बंद होने से ग्रामीणों को पाटी मुख्यालय आने के लिए तीन किमी पैदल चलना पड़ रहा है। ग्रामीण भुवन गहतोड़ी, सुंदर सिंह आदि का कहना है कि सड़क नहीं होने से बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। सड़क के अभाव में गांव के लोग गांव से पलायन करते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 13 साल में क्षेत्र से 10 लोग पलायन कर चुके हैं। गांव के विजय सिंह, मनोज भट्ट, दीपक भट्ट, सूरज, संजय भट्ट, रमेश सिंह, हिमांशु लडवाल, कैलाश राम, राहुल गहतोड़ी आदि ने प्रशासन से सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग की हैं।
कोट
गांव तक पक्की सड़क नहीं होने से बड़ेत गांव में 10 से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं। लगातार हो रही बारिश से सड़क जगह-जगह पूरी तरह से तरह खराब हो गई है। इससे लोगों को आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। - सतीश सिंह लडवाल, ग्रामीण