पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कई कारणों में एक डॉक्टरों को अन्य स्टाफ को सुविधाजनक स्थानों पर संबद्ध करना भी है। ऐसा ही एक मामला लोहाघाट अस्पताल की निश्चेतक का सामने आया है। वह वेतन तो लोहाघाट से ले रही हैं, लेकिन सेवाएं देहरादून में दे रही हैं।
लोहाघाट अस्पताल की निश्चेतक के रूप में 2 जुलाई 2017 को तैनात डॉ. अभिलाषा कोहली ने कभी भी लोहाघाट में सेवा नहीं दी। लोहाघाट ज्वाइन करने के कुछ दिनों बाद वह अवकाश पर चली गईं। इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशक ने डॉ. कोहली को देहरादून के गांधी शताब्दी अस्पताल में संबद्ध कर दिया। इधर, लोहाघाट अस्पताल में हर माह छह हजार से अधिक मरीजों का पंजीकरण होता है।
अस्पताल का हाल यह है कि यहां पहले से ही चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। एक विशेषज्ञ को दून अस्पताल संबद्ध किया गया है। एक अन्य को खेतीखान राजकीय एलोपैथिक अस्पताल तो मुख्य फार्मेसिस्ट एमके घिल्डियाल को कोटद्वार संबद्ध किया गया है। ऐसे में डॉक्टरों की कमी और संबद्धता का असर यहां मरीजों के इलाज पर पड़ना स्वाभाविक है।
लोगों का कहना है कि लोहाघाट में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से उन्हें इलाज के लिए चंपावत जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि डॉक्टरों की कमी से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके लिए कई बार शासन को पत्र भी भेजा जा चुका है।
दूसरे अस्पताल से संबद्ध हैं चार चिकित्सक
चंपावत। लोहाघाट अस्पताल के दो डॉक्टरों और एक फार्मेसिस्ट को दूसरी जगह संबद्ध किया गया है। वहीं चार डॉक्टरों को दूसरे अस्पताल से लोहाघाट भेजा गया है। राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) टांण के डॉ. मंजीत सिंह बीते तीन वर्ष से लोहाघाट में चिकित्सा अधीक्षक के रूप में संबद्ध हैं। चौमेल के डॉ. जितेंद्र जोशी, इजड़ा के डॉ. जुनैद कमर और पुलहिंडोला के डॉ. अमित मिश्रा को सप्ताह के पहले तीन दिन लोहाघाट में सेवा देने के आदेश दिए गए हैं। इनमें पुलहिंडोला के चिकित्सक मिश्रा ने लोहाघाट ज्वाइन नहीं किया है।
लोहाघाट अस्पताल में इन विशेषज्ञों चिकित्सकों के पद रिक्त :
सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, पेथौलोजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ।
लोहाघाट के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से चिकित्सा सेवा पर असर पड़ रहा है। निश्चेतक और मुख्य फार्मेसिस्ट की संबद्धता के आदेश महानिदेशालय स्तर से किए गए हैं। संबद्धता खत्म करने के अलावा अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति का आग्रह किया गया है।
डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।