एक तरफ केंद्र सरकार आयुष्मान योजना को उपलब्धि बताकर प्रचार कर रही है वहीं दूसरी तरफ ईंधन की कमी से आपात चिकित्सा सेवा 108 दगा दे रही है। गंभीर रूप से घायल महिला को 108 सेवा के लिए साढ़े तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा और उसका खामियाजा महिला की मौत के रूप में भुगतना पड़ा।
चंपावत के सिमल्टा गांव की रेखा पालीवाल (40) पत्नी जगदीश पालीवाल सोमवार को क्रांतेश्वर के जंगल में घास काटने गई थी। दोपहर 12.30 बजे पांव फिसलने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला को दोपहर तीन बजे जिला अस्पताल लाया गया। एक्सरे के लिए महिला को यहां से एक निजी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें फिर से जिला अस्पताल लाया गया।
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि सिर में चोट के चलते महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया। पूर्व ग्राम प्रधान उमेश पालीवाल और गिरीश पालीवाल ने बताया कि शाम पांच बजे आपात चिकित्सा सेवा 108 को कॉल किया गया लेकिन एक घंटे तक आपात सेवा से कोई जवाब नहीं मिलने पर दोबारा कॉल किया। डॉक्टरों के कॉल करने पर भी आपात सेवा नहीं पहुंची।
बाद में लोहाघाट की आपात सेवा को चंपावत भेजा गया। इस कवायद में साढ़े तीन घंटे लग गए। सोमवार रात 8.30 बजे 108 सेवा से महिला को हल्द्वानी ले जाया गया लेकिन टनकपुर पहुंचने के दौरान ही महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
ढाई महीने में दो बार धोखा दे चुकी 108 सेवा
21 फरवरी: वक्त पर 108 सेवा नहीं मिलने से बाराकोट विकासखंड के नौमाना गांव के प्रकाश जोशी की हल्द्वानी में मौत हुई थी।
4 मार्च: बाराकोट के ढुंगाजोशी गांव के भुवन पंत को आपात सेवा 108 के लिए 3 घंटे का इंतजार करना पड़ा।
चंपावत की आपात चिकित्सा सेवा 108 ईंधन की कमी से हायर सेंटर नहीं जा सकी। ईंधन भरने में देरी के चलते बाद में लोहाघाट से 108 सेवा को बुलाया गया। करीब 8.30 बजे 108 सेवा के जरिए घायल रेखा पालीवाल को हायर सेंटर ले जाया गया।
रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात चिकित्सा सेवा, 108
तीनों केकेएस के पास भी नहीं है नए टायर
आपात चिकित्सा सेवा 108 ही नहीं जिले की खुशियों की सवारी (केकेएस) के हाल भी खराब हैं। तीनों केकेएस लंबी दूरी तय नहीं कर पा रही हैं। आपात सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि तीनों वाहनों के लिए छह टायरों की मांग की गई है।