पाटी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
पाटी (चंपावत)। सरकार एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर मशीनें उपलब्ध करा रही हैं। वहीं दूसरी ओर पाटी को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी अभी तक पाटी स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण नहीं हो पाया हैं, इस कारण क्षेत्र की बड़ी आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। जबकि यहां पर चंपावत के बाद सबसे अधिक गर्भवतियों के प्रसव होते हैं। इस अस्पताल पर पाटी के अलावा, अल्मोड़ा, नैनीताल जिले के गांव के लोग भी उपचार के लिए आते हैं।
लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन से लेकर जिला स्तर तक अस्पताल का उच्चीकरण करने के लिए कई बार पत्र सौंप चुके हैं। पाटी स्वास्थ्य केंद्र आईपीएचएस मानकों के तहत टाइप बी अस्पताल बनाने के लिए काफी हैं। विभाग ने पूर्व में अस्पताल को टाइप बी बनाने का प्रस्ताव महानिदेशालय देहरादून को भेजा गया था। लेकिन वर्तमान तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई हैं। अस्पताल का उच्चीकरण होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं बेहतर मिलती। वर्तमान समय में पाटी स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे अल्ट्रासाउंड, जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बीमार व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल से निराश होकर लौटना पड़ रहा हैं।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन स्तर पर कार्यवाही होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर किया जाएगा।
पाटी स्वास्थ्य केंद्र विकास खंड के 84 ग्राम पंचायतों का एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें पाटी से लगे अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। लेकिन अस्पताल का उच्चीकरण नहीं होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। - बहादुर मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता पाटी।
अस्पताल के उच्चीकरण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही हैं। पाटी अस्पताल में लंबे समय से एक्स-रे अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बीमार और गर्भवतियों को निजी खर्च पर लोहाघाट और चंपावत की दौड़ लगानी पड़ रही हैं। - राकेश पाटनी, पाटी।