टनकपुर (चंपावत)। बरसात से पिथौरागढ़ हाईवे के स्वाला और घाट समेत कई स्थानों पर मलबा आने से बंद होने से सामान्य यात्रियों को रोडवेज की सस्ती सुविधा नहीं मिल रही है। उनकी जेब पर अधिक भार पड़ रहा है। रोडवेज प्रशासन को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है। टनकपुर डिपो की तीन बस, लोहाघाट की सात, पिथौरागढ़ की पांच बसों के चक्के 12 सितंबर से बंद हैं।
12 सितंबर की दोपहर बाद से बरसात शुरू होते ही पिथौरागढ़ हाईवे पर स्वाला, घाट समेत अनेक स्थानों पर मलबा सड़क पर आ गया। इससे रोडवेज समेत अन्य छोटे वाहनों का भी संचालन ठप हो गया। पिथौरागढ़ और चंपावत के लोगों को वाया हल्द्वानी आदि अन्य रास्तों से आना पड़ा। शनिवार दोपहर तक भी बसों टनकपुर डिपो से पहाड़ को संंचालन न होने पर रोडवेज आरएम आलोक कुमार बनवाल ने बताया कि टनकपुर डिपो की चार बसें पहाड़ रूट में संचालित हैं। इनमें धारचूला, बेड़ीनाग, रानीखेत, गैरसैंण और पिथौरागढ़ के लिए संचालित होती है। इनमें धारचूला, बेड़ीनाग और पिथौरागढ़ के लिए बस का संचालन बंद है। टनकपुर डिपो को प्रतिदिन एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पिथौरागढ़ डिपो की पांच बस पर छह लाख रुपये, लोहाघाट की सात बस पर 3.50 लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। 14 सितंबर से दो बसों को वाया हल्द्वानी पिथौरागढ़ से संचालन किया जा रहा है। इनमें एक बस सुबह पांच बजे और एक बस सुबह सात बजे चल रही है। दो बसाें को लोहाघाट और चंपावत के बीच चलाया जा रहा है। स्वाला में पूरी तरह सड़क खुलने पर ही बसों का संचालन होगा।
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बस में 340 पर आल्टो में सात सौ रुपये लग रहे
टनकपुर (चंपावत)। पिथौरागढ़ हाईवे पर रोडवेज बस का संचालन शुरू न होने की सूचना पर पिथौरागढ़ जाने वाले यात्री टैक्सी स्टैंड में आल्टो और मैक्स वाहनों से आगे जाने के लिए मजबूर हैं। मैक्स वाहन से पिथौरागढ़ के लिए जा रहे किच्छा, ऊधमसिंहनगर निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बस में 340 रुपये और मैक्स में 400 रुपये लिया जा रहा है। आल्टो में 700 रुपये किराया है। वह करीब 20 दिन से घर से पिथौरागढ़ को नहीं जा सके हैं। नेपाल से पिथौरागढ़ जा रहे यात्री गोविंद, मान सिंह, राम सिंह बोले मजदूरी करने जा रहे हैं। पैसा अधिक नहीं है इसलिए मैक्स वाहन से जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क नहीं खुलने से गरीबों को सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं।