नई खनिज भंडारण नीति के विरोध में उतरने खनन कारोबारियों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी खनिज निकासी बंद रखी। उन्होंने क्रशरों के मार्ग पर धरने पर बैठकर वहां से भी खनिज की खरीद-फरोख्त बंद कराई और तहसील में धरने पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पूर्व की भांति निजी स्टाकिस्टों को भंडारण की अनुमति देने तक वे किसी सूरत में खनिज निकासी शुरू नहीं करेंगे।
शासन द्वारा खनिज भंडारण से निजी स्टाकिस्टों को वंचित रखने से खफा स्थानीय खनन कारोबारी बृहस्पतिवार से अचानक निकासी बंद कर सड़क पर उतर आए। शुक्रवार को दूसरे दिन भी कारोबारियों ने निकास बंद रखी और स्टोन क्रशरों में खनिज की खरीद-फरोख्त नहीं होने दी। उधर, विरोध के चलते उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से भी खनिज की निकासी दो दिन से बंद है।
मां शारदा शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल के नेतृत्व में तहसील पहुंचे कारोबारियों ने स्टोन क्रशर मालिकों और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन में दीपक पाठक, आनंद सिंह महर, जगदीश खर्कवाल, महेश सिंह, गजेंद्र पाल, दीपक सिंह, दीपक जोशी, अमन सिंह, कुंदन सिंह, महेशी, जगदीश चंद, कादिर अली, चंद्रमोहन, मोहित सिंह, विनोद सिंह, सुजीत सिंह, अमजद हुसैन, कमल गुप्ता, जगदीश सिंह जग्गा आदि शामिल थे।
शासन ने नियमावली में किया संशोधन
एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि संभवत: शासन ने खनिज भंडारण नियमावली में संशोधन कर शिथिलता बरतते हुए आदेश जारी कर दिया है। फिलहाल अभी तक यह आदेश जिले में नहीं पहुंचा है। आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है और आदेश मिलते हुए ही उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।