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पेपर लीक प्रकरण: यूकेपीसएसी की साख पर लगा बट्टा

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चंपावत स्टेशन में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश सरकार का पुतला दहन करते हुए। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) के बाद अब यूकेपीएससी (उत्तराखंड लोक सेवा आयोग) के दामन पर दाग से साख पर बट्टा लगा है। यूकेपीएससी की ओर से आठ जनवरी को आयोजित पटवारी परीक्षा में धांधली ने युवाओं के सपनों को धराशायी कर दिया। इस इम्तिहान में चंपावत जिले के 3852 अभ्यर्थियों सहित कुमाऊं के कुल 50061 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। अभ्यर्थी पेपर लीक होने से मायूस हैं।
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दिसंबर 2021 की परीक्षा में गड़बड़ी के बाद अब आठ जनवरी को फिर से घपला सामने आया है। प्रतियोगी परीक्षाओं पर लगातार उठ रहे सवालों से उनका आत्मविश्वास डगमगाया है। तैयारी और मनोबल पर असर पड़ रहा है। छात्र सवाल उठाते हैं कि जब उत्तराखंड बोर्ड से लेकर विश्वविद्यालयों तक की परीक्षा ठीक तरह से हो सकती है, तो ऐसा क्यों है कि प्रतियोगी परीक्षाओं निष्पक्ष और भरोसेमंद तरीके से नहीं हो पा रही हैं। गड़बड़ी से निपटने के लिए विश्वसनीय तंत्र विकसित करना जरूरी है।
चंपावत। देश-प्रदेश के दूसरे हिस्सों की तरह ही चंपावत जिले में भी बेरोजगारी का ग्राफ लगातार उछाल मार रहा है। रोजगार पाने वालों की संख्या काफी कम है। जिले में डेढ़ दशक से कम समय में बेरोजगारों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2009 में 12771 बेरोजगार थे, जो अब बढ़कर 22764 हो गए हैं। जबकि इस अवधि में काम पाने वालों की संख्या बमुश्किल तीन हजार रही।
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पटवारी पेपर लीक होने से दुख हुआ। मनोबल डिगने के साथ तैयारी पर असर पड़ता है। परीक्षा चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कारगर कदम उठाए जाने चाहिए।
सुरेश सिंह, प्रतियोगी छात्र, चंपावत।
कोट
परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली गंभीर खामी की ओर इशारा कर रही है। इससे युवाओं का हौसला टूटता है। पेपर लीक में लिप्त लोगों पर कठोरतम कार्रवाई के साथ निष्पक्ष परीक्षा के आयोजन का ढांचा विकसित किया जाए।
चंद्रमोहन सिंह, प्रतियोगी छात्र, चंपावत।
कोट
जिस तरह से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, उससे परीक्षा आयोजक संस्था का मतलब ही खत्म हो गया है। लेकिन यूकेपीएससी भी निष्पक्ष परीक्षा कराने में नाकाम रही है। इससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास टूटा है।
दर्शना खाती, प्रतियोगी छात्रा, चंपावत।
कोट
लगता है कि राज्य सरकार की कोई एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष नहीं करा पा रही है। ऐसे में सेना या किसी केंद्रीय एजेंसी को ही राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी देने पर विचार हो।
विपिन, प्रतियोगी छात्र, चंपावत।
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका
चंपावत। लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पटवारी भर्ती घोटाले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूरन कठायत और बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल के नेतृत्व में चंपावत स्टेशन रोड में भाजपा की प्रदेश सरकार का पुतला फूूंका। वक्ताओं ने कहा कि धामी सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। निष्पक्ष परीक्षा के लिए ठोस उपाय करने पर जोर दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में जिला महामंत्री एडवोकेट निर्मल तड़ागी, नीरज वर्मा, अशोक वर्मा, विवेकानंद जोशी, जगदीश जोशी, सौरभ साह आदि शामिल थे।
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