त्रिस्तरीय पंचायतों के सबसे पहले पड़ाव में आने वाली ग्राम पंचायतों के हाल काफी अच्छे नहीं हैं। अकेले चंपावत जिले में ही कई ग्राम पंचायतों के हाल जर्जर है। आवासहीनों को छत मुहैया कराने वाली ग्राम पंचायतें खुद अपनी पंचायत घर की छत को तरस रही हैं।
चंपावत जिले में कुल 313 ग्राम पंचायतों में से 23 ग्राम पंचायतों में अपने पंचायत घर तक नहीं हैं। बेघरों को घर देने वालीं इन 23 ग्राम पंचायतों के पास अपने घर (पंचायतघर) ही नहीं है। यहां कलक्ट्रेट से लगी ढकना बड़ोला ग्राम पंचायत के हाल तो और भी निराले हैं। इस ग्राम पंचायत के पास भी अपना दफ्तर भी नहीं है।
जिले में लोहाघाट विकासखंड की 67 ग्राम पंचायतों के पंचायत घरों को छोड़ कहीं भी फोन की सेवा नहीं है। फर्नीचर और दूसरी जरूरी सुविधाओं से भी पंचायत घर मोहताज है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश कार्यों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। राशनकार्ड, इंदिरा आवास, मनरेगा, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म - मृत्यु प्रमाणपत्र, एमडीएम से लेकर कई विकास के कार्य ग्राम पंचायतें ही संचालित करती हैं।
पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतें और उनकी आबादी
1.कठनौली 295
2.ढकनाबड़ोला 975
3.पुनेठी 430
4.बिचई 1375
5.भजनपुर 1117
6.मंच 456
7.मोहनपुर 2569
8.शक्तिपुरबुंगा 894
9.गैड़ाख्याली नंबर 3 1062
10.कांडा डोला 450
11.सायली 305
12.नायल 358
13.टनकपुर 3367
14.हरम 340
15.सिमल्टा 393
16.ओखलंज 122
17.सुदर्का 434
18.राईकोट महर 364
19.चौड़ामेहता 268
20.टाकबल्वाड़ी 260
21.कनवाड़ 369
22.थापलागूंठ 207
23.मौनकांडा 1083
बुरे हाल में हैं कई भवन वाली पंचायतें
चंपावत। भवनहीन पंचायतों की तरह कई पंचायतघरों के हाल ठीक नहीं है। धूरा ग्राम पंचायत के भवन के हाल भी खस्ता है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी का कहना है कि बेहद जर्जर भवन में काम करना चुनौती बन रहा है। इसके अलावा चौड़ासेठी सहित कई पंचायतघर ठीक हाल में नहीं है। टनकपुर की तीन ग्राम पंचायतों (मोहनपुर, टनकपुर और ज्ञानखेड़ा) का काम एक ही पंचायत भवन में हो रहा है।
पंचायत भवन में चल रहा बनबसा जीजीआईसी
चंपावत। कहीं-कहीं तो पंचायत भवन में दूसरे काम हो रहे हैं। बनबसा ग्राम पंचायत के पास पंचायतघर तो है, लेकिन इसमें उसका दफ्तर नहीं चल रहा है, बल्कि बनबसा का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चल रहा है। ग्राम पंचायत की खुली बैठक यहां मैदान या अन्यत्र की जाती है।
कोट
पंचायत घर नहीं होने से ग्राम पंचायत का काम स्कूल या मंदिर में करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पंचातघर भवन को नि:शुल्क जमीन देने को गांव के लोग तैयार है। भवन का प्रस्ताव भी रखा गया है।
विनोद सिंह
ग्राम प्रधान, ढकनाबड़ोला
कोट
जिले में 23 ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं है। इस वजह से जरूरी कामकाज निपटाने में पंचायतों को परेशानी हो रही है। पंचायत भवनों के लिए दो नाली नि:शुल्क जमीन को पंचायत के नाम रजिस्टरी करना जरूरी है। पंचायतों के भवन के लिए प्रस्ताव निदेशालय भेजे गए हैं।
सुरेश बेनी, जिला पंचायतराज अधिकारी चंपावत।