चंपावत। चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सफाई शुल्क देने में कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों के इस सकारात्मक रवैये के बाद अब जिला पंचायत की बृहस्पतिवार को होने वाली बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित करने के आसार हैं।
चंपावत जिले की 2.75 लाख में से 85 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। 313 ग्राम पंचायतों में 13 टन से ज्यादा कूड़ा रोज जमा होता है। जिला पंचायत जिले के चारों विकासखंडों में वाहन से कूड़े का निस्तारण करेगी। गांवों से कूड़ा उठाने के लिए आम लोगों से लेकर कारोबारी प्रयोक्ता शुल्क (यूजर चार्ज) देंगे। इसे लेकर जिला पंचायत की ओर से मांगी गई आपत्तियोंं या सुझाव के लिए निर्धारित तिथि तक कोई आवेदन नहीं आया था।
50 रुपये आवासीय भवनों से लेकर 100 से डेढ़ हजार रुपये तक कारोबारी प्रतिष्ठानों का मासिक शुल्क रखा गया है। इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्रों में कूड़ा फेंकने और पॉलीथिन के उपयोग पर 100 रुपये से दस हजार रुपये तक अर्थ दंड का प्रावधान रखा गया है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी का कहना है कि कोई स्पष्ट शिकायत नहीं मिली है। इस वजह से पंचायत बोर्ड कीं बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को पारित करने की उम्मीद है। बोर्ड से अनुमोदन के बाद इसके क्रियान्वयन के लिए प्रस्ताव पत्रावली पंचायतीराज विभाग भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद शुल्क लागू किया जाएगा।