चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के मद्देनजर चंपावत ब्लॉक में प्रत्याशियों के लिए ऑडिटोरियम में अनिवार्य व्यय प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए प्रत्याशियों को व्यय संधारण के नियमों और प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
सोमवार को प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय से संबंधित वैधानिक और अवैधानिक व्यय, लेखा संधारण के नियम, निर्धारित व्यय सीमा, खर्च के रजिस्टर संधारण, रसीदों की संलग्नता और चुनाव पश्चात लेखा प्रस्तुतिकरण की अनिवार्यता की जानकारी दी। प्रत्याशियों को प्रतिदिन के व्यय विवरण संधारण और हस्ताक्षर की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्य प्रत्याशी दस हजार, ग्राम प्रधान प्रत्याशी 75 हजार, क्षेत्र पंचायत प्रत्याशी 75 हजार और जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी दो लाख रुपये व्यय कर सकता है।
निर्वाचन अधिकारी विकास खंड चंपावत धनपत कुमार ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक व्यय या व्यय विवरण प्रस्तुत न करना आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इस दौरान सहायक अधिकारी (व्यय) नंदन सिंह भाकुनी, मास्टर ट्रेनर सहायक लेखाकार मुकेश कुमार, समन्वयक और सहायक नोडल अधिकारी प्रशिक्षण डॉ. एमपी जोशी, सहायक निर्वाचन अधिकारी आदि मौजूद रहे।