टनकपुर (चंपावत)। चूका खनन क्षेत्र से ओवरलोडिंग के विरोध में बुधवार को उचौलीगोठ के ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। करीब आधा घंटे तक लगाया जाम पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खोला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के ओवरलोड चलने से दुर्घटना का खतरा है। उन्होंने प्रशासन पर भी ओवरलोडिंग की अनदेखी का आरोप लगाया। व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी।
लधिया के चूका क्षेत्र में रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत नीलाम खनन पट्टों से इन दिनों डंपर आदि दर्जनों भारी वाहन खनिज ढुलान कर रहे हैं। इस खनन की आड़ में वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है। कई बार ओवरलोड डंपर और भारी वाहन सड़क पर पलट भी चुके हैं, जिसके चलते हादसे का खतरा है।
बुधवार को उचौलीगोठ के समाजसेवी गणेश सिंह महर के नेतृत्व में सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने पूर्णागिरि मार्ग पर आधा घंटा जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बूम पुलिस चौकी की प्रभारी राधिका भंडारी के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड खनिज ढो रहे वाहनों से कभी भी बड़ी दुर्घटना का खतरा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक है। उन्होंने ओवरलोडिंग रोकने के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन में नित्यानंद भट्ट, त्रिलोक सिंह, हेम जोशी, संजू महर, करन महर, आनंद महर आदि थे।
चौलीगोठ 28 एकड़ में खनन प्रक्रिया का विरोध
टनकपुर (चंपावत)। उचौलीगोठ के ग्रामीणों ने 28 एकड़ राजस्व क्षेत्र को खनन के लिए डेंजर जोन घोषित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपा। बताया कि गांव की सुरक्षा को ताख पर रख खनन प्रक्रिया की जा रही है। इसका विरोध किया जाएगा। प्रशासन ने रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत उचौलीगोठ के 28 एकड़ राजस्व क्षेत्र में भी खनन का ठेका आवंटित किया है।
इसमें खनन के लिए प्रशासन की ओर से सीमांकन भी किया जा चुका है, लेकिन ग्रामीण इसके खिलाफ लामबंद है। उन्होंने 28 एकड़ राजस्व क्षेत्र के साथ ही नीचे के गांवों तक 250 मीटर क्षेत्र को खनन के लिए डेंजर जोन घोषित करने की मांग की है। इनमें पूर्व सैनिक पुष्कर सिंह, गोपाल सिंह, नवीन चंद्र पांडेय, गिरीश जोशी, मीना सागर, विक्रम कार्की, मोहन चंद, पुष्कर सिंह महर, माया देवी, कलावती देवी आदि थे।