चंपावत में टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत करते जल संस्थान कर्मी।
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चंपावत। चंपावत में मंगलवार से घंटों मूसलाधार बारिश हुई। इससे हर तरफ पानी ही पानी था लेकिन घरों के भीतर ज्यादातर हिस्सों में नलों में सूखा रहा। लोग नलों में पानी की एक बूंद के लिए तरस गए। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
चंपावत में बीते 24 घंटे में 78 मिलीमीटर बारिश हुई। इतनी मूसलाधार बारिश के बावजूद लोगों को नल की टोटी से पानी के लिए तरसना पड़ा। बुधवार को चंपावत क्षेत्र के काफी बड़े हिस्से में नागरिक पानी के लिए तरसते रहे। जिन जगहों में पानी की सप्लाई हुई, वहां अधिकांश जगह मिट्टीयुक्त पानी मिला। चंपावत को रोजाना 23.60 लाख लीटर पानी के सापेक्ष इस वक्त भी बमुश्किल 15 लाख लीटर पानी ही मिल पा रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विलाल यूनुस का कहना है कि छीड़ापानी पेयजल स्रोत वाली लाइन के टूटने से सप्लाई बाधित रही। इसी तरह दुधारी कठनौली स्रोत में मलबा आने और रौखेत का फिल्टर खराब होने से मटमैला पानी आया है। अलबत्ता अब टूटी लाइन को ठीक करा लिया गया है। बृहस्पतिवार से पेयजल आपूर्ति सुचारु होने का विभाग ने दावा किया है।