चंपावत जिला सभागार में गुमदेश उप तहसील का वर्चुअली शुभारंभ करते मुख्यमंत्री धामी।
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र के लोग 15 जून 2015 से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। पूरे सात साल और एक महीने बाद गुमदेश की उपतहसील अस्तित्व में आई है। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलक्ट्रेट से वर्चुअल तरीके से उपतहसील का शुभारंभ किया।
सीएम ने गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिक्षाविद माधो सिंह अधिकारी, प्रधान सरिता देवी, भुवन पांडेय से वर्चुअल तरीके से वार्ता भी की। इस दौरान तहसीलदार विजय गोस्वामी भी मौजूद थे।
इससे पहले सवा पांच साल से ज्यादा समय तक बंद रही मंच उपतहसील का भी 10 जून से दोबारा संचालन हुआ है और अब दूसरी उप तहसील गुमदेश में डेढ़ महीने से कम समय में अस्तित्व में आ जाएगी। नेपाल सीमा से लगे लोहाघाट ब्लॉक के गुमदेश की उप तहसील का जून 2015 में शासनादेश हुआ था लेकिन इस उप तहसील का संचालन शुरू नहीं हो सका था। प्रशासन ने पिछले साल की शुरुआत में कार्मिकों की कमी को इसके संचालन न होने की वजह बताया था। कलक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी ने जनवरी 2021 में राजस्व परिषद को पत्र भेज उप तहसील के संचालित नहीं होने की वजह राजस्व अधिकारी-कार्मिकों की कमी बताया था लेकिन अब जिले की सियासी हैसियत बढ़ने का लाभ उसे मिल रहा है। उप तहसील का संचालन अब सात साल बाद शुरू होगा।
इस उपतहसील का 41 ग्राम पंचायतों की 35000 की आबादी को लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को खतौनी की नकल, स्थायी निवास, जाति, आय, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनाने के 39 किमी दूर लोहाघाट नहीं जाना पड़ेगा। इस उपतहसील का संचालन फिलहाल किमतोली के ग्रोथ सेंटर भवन से होगा।