डा.एपीजे अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास की कार्ययोजना ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में तैयार की जाएगी। इस संबंध में तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट प्लान और अन्य जानकारियों के लिए शनिवार को प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी हरगोविंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि खुली बैठकों में विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करने के साथ ही एक साल और पांच साल की योजनाओं का विस्तृत खाका 15 मई से तक तैयार करना होगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक न्याय और बुनियादी विकास बेहतर करने के मकसद से संचालित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए पंचायतीराज विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। जिला विकास अधिकारी विवेक उपाध्याय ने बताया कि तीन लाख रुपये तक की वित्तीय स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर से और इससे अधिक की वित्तीय मंजूरी सीडीओ कार्यालय से दी जाएगी। ग्राम पंचायत में बीते पांच वर्षों में किए गए कार्यों का ब्यौरा विभिन्न विभागों के माध्यम से दिए जाएंगे।
जिला पंचायतराज अधिकारी सुरेश बैनी ने कहा कि पंचायतों का स्थलीय निरीक्षक कर आर्थिक विकास योजनाओं के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित किया जाए। इसके लिए योजना के अनुमानित व्यय का निर्धारण करते हुए तकनीकी विभाग के अधिकारियों के सहयोग से ड्राफ्ट प्लान तैयार किया जाएगा। सभी विकासखंडों में निर्धारित क्लस्टरों में 26 से 28 फरवरी तक प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्वजल के पीएम एमके गर्ग, उद्योग विभाग के एजीएम जीवी जोशी, बीडीओ शिल्पी पंत, पीएस रावत, डीटीओ आरएस ऐरी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ललित पांडेय, दीपक चंद्र, संगीता आर्या, प्रेम चंद्र आदि मौजूद थे।