चंपावत जिला अस्पताल में बंद पड़ा ओपीडी का गेट।
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छरड़ी के दूसरे दिन जिला अस्पताल में मरीजों की आमद बेहद कम रही। जिस वजह से (वाह्य रोगी विभाग) ओपीडी को इमरजेंसी वार्ड से ही चलाया गया। शनिवार को ओपीडी में मात्र 30 मरीजों की नब्ज टटोली गई। दोपहर 12 बजे तक ही ओपीडी से मरीजों को देखा गया।
छरड़ी के दिन जिला अस्पताल में भी सन्नाटा पसरा रहा। अस्पताल में मरीजों की आवाजादी बेहद कम रही। छरड़ी के अवकाश के बाद शनिवार को जिला अस्पताल में ओपीडी दोपहर तक ही चली। मरीजों की कम संख्या को देखते हुए ओपीडी को इमरजेंसी वार्ड में चलाया गया। डॉ.एचएस ऐरी और इंद्रजीत पांडेय ने दोपहर तक ओपीडी में 30 मरीजों का इलाज किया। ओपीडी का मेन गेट सुबह से ही बंद रहा।
तीन दिनों में इमरजेंसी में 59 मरीजों का उपचार
चंपावत। बीते तीन दिनों में जिला अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान 59 मरीजों का इलाज किया गया। एक मार्च को 10, दो मार्च को 24 और तीन मार्च को 25 मरीजों का इमरजेंसी के दौरान इलाज किया गया।
कोट
शनिवार को दोपहर तक ओपीडी चलाई गई। मरीजों की कम संख्या को देखते हुए ओपीडी को इमरजेंसी वार्ड से ही चलाया गया। शनिवार को 30 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया।
डॉ.आरके जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।