चंपावत। पूरे 38 दिन बाद मंगलवार को वाह्य मरीज विभाग (ओपीडी) से संबंधित मरीजों को राहत मिली। जिला अस्पताल में पहले दिन 70 मरीज आए। ज्यादातर मरीज सिरदर्द, खांसी, जुकाम, पेट के विकार से संबंधित थे।
कोविड की दूसरी लहर के कारण जिला अस्पताल को पहली मई से सामान्य इलाज के लिए बंद कर दिया गया था। अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाया गया था।
इस कारण यहां मुख्य रूप से कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज से लेकर उन्हें भर्ती किया गया था। अलबत्ता अब हालत में सुधार होने पर मंगलवार से ओपीडी शुरू कर दी गई। पीएमएस डॉॅ. आरके जोशी ने बताया कि कुल 70 लोगों का इलाज हुआ।
20 लोगों की पैथोलॉजी जांचें, नौ एक्सरे और 22 अल्ट्रासाउंड परीक्षण हुए। दो लोगों के प्लास्टर हुए। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस ऐरी, फिजिशियन डॉ. अजय कुमार, पैथोलॉजिस्ट डॉ. राशि भटनागर, निश्चेतक डॉ. बैंकटेश द्विवेदी, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप बिष्ट आदि ने इलाज और विभिन्न जांचें कीं।
चार केंद्रों की एएनएम ने संभाला आईसीयू का कार्यभार
चंपावत। जिला अस्पताल की सघन निगरानी इकाई (आईसीयू) के लिए संबद्ध की गईं चार एएनएम ने कार्यभार संभाल लिया है। पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि इनमें मौनपोखरी की एएनएम ममता गोस्वामी, भगाना महरा की सुनीता डसीला, स्वांला की इंदु धपवाल और गुरौली की एएनएम वंदना नपच्याल शामिल हैं। आईसीयू के सृजित पदों पर तैनाती न होने से दूसरे केंद्रों से संबद्ध किए गए स्वास्थ्य कर्मियों को आईसीयू से संबद्ध किया गया है।
एनएचएम कर्मियों ने काला फीता बांध शुरू किया काम
चंपावत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मी सात दिन बाद मंगलवार से काम पर लौट गए हैं। नियमितीकरण, कोविड काल में मृत कर्मियों के आश्रितों को नौकरी सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर ये कर्मी 28 मई से चार घंटे के कार्य बहिष्कार पर और पहली जून से पूर्ण कामबंद हड़ताल पर थे।
प्रेमबल्लभ भट्ट, संजय पांडेय, गौरव पांडेय, दीपक पनेरू, दिनेश थ्वाल, प्रवीण भट्ट, हरीश पांडेय, मदन राणा, विनोद जोशी, प्रदीप कार्की सहित जिलेभर के डेढ़ सौ कर्मी फिर से काम पर जुट गए हैं।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि एनएचएम कर्मियों के काम पर लौटने से विभिन्न पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि से लेकर कोविड टीकाकरण, परीक्षण सहित तमाम कार्य सुचारू रूप से हो सकेंगे।
एनएचएम कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेमबल्लभ भट्ट ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व की स्वास्थ्य सचिव और मिशन प्रबंधक से सोमवार को हुई वार्ता के बाद संगठन ने एक माह तक काला फीता बांध कर काम करने का निर्णय लिया।
एक महीने के भीतर ठोस कदम न उठाने पर कर्मचारी फिर आगे की रणनीति तय करेंगे। एनएचएम कर्मी राष्ट्रीय स्तर की 42 महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करते हैं।