जिले के पाटी ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाएं और भी बदतर हो गई हैं। पाटी के अस्पताल में तीन डॉक्टरों के बजाय अब सिर्फ एक डॉक्टर से काम चलेगा। यह नौबत स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से इस अस्पताल को डाउनग्रेड करने से आई है।
इंडियन पब्लिक हेल्थ सिस्टम (आईपीएचएस) के मानक के अनुसार पाटी के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी का बना दिया गया है जिससे यहां दो डॉक्टर कम हो गए हैं। तहसील और ब्लॉक मुख्यालय होने के बावजूद पाटी के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर का पद रहेगा। जबकि इससे पूर्व तक यहां एक महिला चिकित्सक सहित कुल तीन डॉक्टरों के पद स्वीकृत थे।
अस्पताल में खून की जांच से लेकर एक्सरे तक की सुविधा पहले से ही नदारद है। अब अस्पताल की श्रेणी को कम करने से क्षेत्र की 46 हजार से अधिक की आबादी पर मार पड़ेगी।
पाटी सरकारी अस्पताल को और मजबूत किए जाने की जरूरत है लेकिन आईपीएचएस के मानक के हिसाब से डाउनग्रेड करने से यहां की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होगी। 46 हजार की आबादी वाला क्षेत्र होने के चलते इस अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पद सृजित करने के लिए महानिदेशालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए पाटी सरकारी अस्पताल की व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत थी। लेकिन इसमें सुधार के बजाय पहले से तैनात डॉक्टरों की संख्या में कमी कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा को बीमार किया जा रहा है। सोबन सिंह मौनी, सामाजिक कार्यकर्ता।
निजी अस्पताल का विकल्प नहीं होने से पाटी में इलाज के लिए लोगों की निर्भरता इसी सरकारी अस्पताल पर है लेकिन इसे उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा देने के स्थान पर पहले से मिल रही सुविधाओं में कटौती लोगों की जेब पर भी भारी पड़ेगी।
हेम शर्मा, कोषाध्यक्ष, व्यापार संघ।