जिले की मौजूदा वित्त वर्ष की 49.61 करोड़ रुपये की जिला प्लान में से नवंबर तक सिर्फ 32.41 प्रतिशत (12.56 करोड़) रकम का उपयोग हो सका है। बुधवार को सीडीओ श्याम सुंदर पांगती की अध्यक्षता में हुई जिला, राज्य योजना, केंद्र पोषित और वाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस अवधि में जिला प्लान में 38.76 करोड़ रुपये रिलीज हुए हैं। सीडीओ ने धनराशि के देरी से उपयोग पर विभागों को फटकार लगाकर तेजी से काम करने की हिदायत दी। अलबत्ता इसके अलावा अन्य मदों में जिले की प्रगति शानदार रही।
राज्य सेक्टर में रिलीज हुए 61.77 करोड़ के सापेक्ष 84 प्रतिशत, केंद्रीय योजनाओं में रिलीज हुई 52.92 करोड़ के सापेक्ष 86 प्रतिशत और वाह्य सहायतित योजना के तहत 1.07 करोड़ के सापेक्ष 92 प्रतिशत खर्च हुआ है। सीडीओ ने टास्क फोर्स द्वारा निर्माण कार्यों के स्थलीय मुआयना करने के निर्देश दिए। कहा गया कि पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखते हुए इन्हें तय समय पर पूरा किया जाए। साथ ही 2016-17 के लिए नई योजनाओं के प्रस्ताव ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत से पारित कर जिला योजना में शामिल करने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह तक कार्ययोजना पेश करने को कहा गया।
बैठक में पीडी केएन तिवारी, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट, सीएमओ डा.विनोद टोलिया, लोनिवि के इंजीनियर अनुपम राय, डीएसओ आरएस धामी, डीटीओ आरएस ऐरी आदि थे।
27 तक ऑनलाइन करें सांसद गांव की प्लान योजनाएं
सांसद आदर्श गांव रौलमेल में अब तक कराए गए कार्यों की डीपीआर तैयार कर प्लान योजनाओं को अनिवार्य रूप से 27 दिसंबर तक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए। सांसद आदर्श गांवों में योजनाओं और क्रियाकलाप की मॉनिटरिंग के लिए भारत सरकार ने पंचायत दर्पण नाम से साफ्टवेयर तैयार किया है। रौलमेल में मनरेगा मद से युद्धस्तर पर शौचालय निर्माण कराने को कहा गया। इसके अलावा स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग को कैंप लगाकर टीकाकरण करने को कहा गया। 3 जनवरी से तीन दिन तक भारत सरकार की टीम रौलमेल गांव के कार्यों की समीक्षा करेगी।