राजकीय इंटर कॉलेज धूनाघाट के अनुसेवक का संदिग्ध हालात में एक खाई से शव मिला है। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। अनुसेवक बोल व सुन नहीं पाता था और दो दिन से लापता था।
सूचना मिलते ही पाटी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
थानाध्यक्ष योगेश दत्त ने बताया कि ग्राम कानाकोट के पड़क तोक निवासी शिवराज सिंह (40) पुत्र स्वर्गीय बहादुर सिंह जीआईसी धूनाघाट में अनुसेवक पद पर कार्यरत था। एसओ ने बताया कि परिजनों के अनुसार शिवराज दो दिनों से लापता था। परिजनों के काफी खोजबीन के बावजूद उनका कहीं पता नहीं चला।
मंगलवार देर शाम लड़ी गांव में शिवराज का शव सड़क से 200 मीटर गहरी खाई में मिला। बताया जा रहा कि सोमवार रात को लड़खड़ाने से वह गिर गया होगा। शव मिलने की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष योगेश दत्त, दरोगा मंदाकिनी ने मौके पर पहुंच पंचनामा भरा। लोहाघाट में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि शिवराज दिव्यांग था।
वह ठीक से बोल व सुन नहीं सकता था। शिवराज के परिवार में पत्नी के अलावा पांच संतानें हैं। इधर लोहाघाट में डॉ. रवींद्र बोहरा ने शव का पोस्टमार्टम किया। एसओ ने बताया कि अभी तक किसी भी व्यक्ति ने घटना को लेकर कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।