चंपावत। सल्ली गांव में नाबालिग से कथित दरिंदगी के मामले में आरोपी राहुल रावत अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
बीते छह मई को सल्ली गांव में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया था। नाबालिग के पिता की तहरीर पर तब पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की घटना को फर्जी और बदले की भावना से रची साजिश बताया। साजिश के तहत फंसे विनोद सिंह रावत के पिता ने कोतवाली में साजिशकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी । तहरीर के आधार पर पुलिस ने षड्यंत्र रचकर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोप में सल्ली निवासी कमल रावत, कनलगांव निवासी उसकी महिला मित्र अर्जिता राय और बनबसा निवासी कांग्रेस नेता आनंद सिंह माहरा के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की।
साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने कमल रावत और अर्जिता राय को जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने नामजद तीसरे आरोपी आनंद सिंह माहरा और गुरखोली मंच चंपावत निवासी बबलू राम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस के मुताबिक साक्ष्य संकलन के दौरान ग्राम सल्ली निवासी राहुल रावत का नाम भी आया सामने आया है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वर्जन
साक्ष्य संकलन के दौरान राहुल रावत के भी साजिश में शामिल होना प्रकाश में आया है। फिलहाल वह फरार है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। - रेखा यादव, एसपी, चंपावत