चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी पहिये थमे रहे। एनएच नहीं खुल पाने से पूरे दिन वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। इससे न केवल लोहाघाट-पिथौरागढ़ की आवाजाही बाधित हुई, बल्कि अंतिम संस्कार के लिए रामेश्वर जाने वाले लोग भी परेशान रहे।
बाराकोट के पास भारतोली में आए मलबे को तो हटा लिया गया, लेकिन मोकोट और लीसा डिपो के पास बृहस्पतिवार की रात गिरे पहाड़ को भारी मशक्कत के बावजूद नहीं हटाया जा सका है। कोविड कर्फ्यू की वजह से आवाजाही खासी कम हो रही है, लेकिन सड़क बंद होने से दूसरे दिन शनिवार को भी एनएच पर (पिथौरागढ़ से टनकपुर और लोहाघाट से पिथौरागढ़ को) वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। छिटपुट रूप से यहां से गुजरने वाले वाहनों को दन्या-देवीधुरा होते हुए जाना पड़ रहा था। जिसके लिए वाहनों को 30 किमी के सापेक्ष 140 किमी तय करनी पड़ी। सड़क को खोलने के लिए एनएच खंड की टीम शुक्रवार से डटी है। शनिवार दोपहर को भारतोली के पास आए मलबे को तो हटा लिया गया। लेकिन मोकोट और लीसा डिपो के पास गिरे पहाड़ को नहीं हटाया जा सका।
कोट
बंद सड़क को खोलने के लिए तेजी से काम चल रहा है। छह जेसीबी और पोकलैंड के जरिये मलबे को हटाया जा रहा है। उम्मीद है कि रविवार देर शाम तक मार्ग खोला जा सकेगा।
एलडी मथेला,
ईई, एनएच खंड, लोहाघाट।
धौन-सल्ली सड़क बंद होने से पैदल आवाजाही भी थमी
चंपावत/लोहाघाट। दो दिन की भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की 17 सड़कें दूसरे दिन भी नहीं खुल सकी हैं। शनिवार शाम तक लोनिवि और पीएमजीएसवाई की आठ सड़कों का ही मलबा हटाया जा सका। वहीं धौन-बड़ोली मार्ग पर पैदल पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उधर विभाग का कहना है कि बंद सड़कों को खोलने के लिए तेजी से काम चल रहा है। धौन-सल्ली मार्ग बंद होने से लोगों को खासी परेशानी हो रही है।
पूर्व ग्राम प्रधान पूरन सिंह रावत सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर काफी मलबा आने से पैदल आवाजाही भी बाधित हो रही है। इससे लोग शुक्रवार को भी राशन लेने नहीं जा सके। ग्रामीणों ने तुरंत ही मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु करने की मांग की है।
बंद हैं जिले की ये 17 ग्रामीण सडकें
धौन-सल्ली, बाराकोट-सिमलखेत-काफलीखान, मूलाकोट-कांडे-भुइयां, पटनगांव-कजीना पुनौली, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, मडलक-सागर, चमदेवल-जाख-गजीना, रीठाखाल-मंटकांडे, कामाज्यूला-भनार, बर्दाखान-बिसराड़ी, बाराकोट-रामेश्वर, टाककरायत-कुंडीमाहरा, तिमलागूंठ-पीपलढींग, रौसाल-मटियानी, बगेटी-ड ूंगरालेटी, मल्ली खटोली, कायल-मटियानी।
बारिश से क्षतिग्रस्त मानेश्वर मंदिर मार्ग से मलबा हटाया
चंपावत। भारी बारिश से आए मलबे से क्षतिग्रस्त मानेश्वर महादेव मंदिर को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग को विधायक कैलाश गहतोड़ी की ओर से भेजी गई जेसीबी से हटवाया गया। विधायक प्रतिनिधि रमेश भंडारी, कृष्णा जोशी ने बताया कि मंदिर की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए भी विधायक ने डेढ़ लाख रुपये देने का एलान किया है।