अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। लॉकडाउन के चलते 3 मई से खुली चंपावत जिले की शराब की दुकानें पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। सोमवार से इन दुकानों में फिर से ताले लग जाएंगे। शराब कारोबारी 11 दिन में दूसरी बार दुकानों को बंद करने पर मजबूर हो रहे हैं। शराब पर लगाए गए कोविड-19 टैक्स के विरोध में ठेकेदार फिर से हड़ताल पर हैं। दुकानें बंद होने की भनक लगने पर रविवार को शराब खरीदने वालों की भीड़ बढ़ गई। शराब कारोबारी प्रकाश सिंह अधिकारी सहित तमाम कारोबारियों का कहना है कि 23 मार्च से 3 मई (42 दिन) तक जारी लॉकडाउन ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। 4 मई से दुकानें खुली, तो प्रदेश सरकार ने शराब पर कोविड-19 टैक्स लगाकर मोटा राजस्व वसूलना शुरू कर दिया। बताया गया कि ये टैक्स प्रति बोतल पर 20 रुपये से 300 रुपये तक है। इसके लगने से न केवल शराब के दाम आसमान छूएंगे, बल्कि अनुज्ञापियों को भी भारी नुकसान होगा। बंद समयावधि का अधिभार वापस लेने और इस टैक्स को हटाने को लेकर चंपावत जिले में 15 मई को भी एक दिन दुकान बंद रही थी। ठेकेदारों का कहना है कि तब आबकारी आयुक्त ने कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल से मसले के निस्तारण के लिए 24 मई तक का वक्त मांगा था। अधिभार का मसला तो निपट गया, लेकिन कोविड टैक्स पर बात नहीं बनी। इसके चलते अब शराब कारोबारी सोमवार से फिर से दुकानों को बंद कर रहे हैं। चंपावत जिले की सभी 15 दुकानें बंद होने से सोमवार से शराब खरीदने वालों को परेशान होना पड़ेगा। इधर जिला आबकारी अधिकारी तपन पांडेय का कहना है कि अनुज्ञापियों से दुकानों को बंद न करने की अपील की गई, मगर वे नहीं माने।