तल्ला बापरू के किसानों से मसूर की दाल खरीदते संस्था के लोग।
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। चंपावत जिले के दाल उत्पादकों के लिए लॉकडाउन के बीच यह अच्छी खबर रही। कृषि विभाग की पहल से मसूर की दाल एक संस्था ने सीधे गांव पहुंचकर खरीद ली और तुरंत चेक के जरिए 58 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया।
लॉकडाउन के दौरान अन्य तमाम कारोबारी गतिविधियों की तरह ही खेती पर भी जबर्दस्त मार पड़ी। किसानों को बुआई से लेकर उत्पादित सामग्री की बिक्री तक की दुश्वारी झेलनी पड़ी। मगर यहां कृषि विभाग ने काश्तकारों की मदद की है। बाराकोट ब्लाक के तल्ला बापरू में उत्पादित 11.50 क्विंटल मसूर की दाल की तुरंत बिक्री हो गई।
मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि श्रीमिशन संस्था ने इस दाल को गांव जाकर क्रय किया। संस्था के प्रबंधक दीपक जोशी ने किसानों द्वारा तय कीमत 5043 रुपये क्विंटल के हिसाब से 58 हजार रुपये में दाल खरीद ली। साथ ही चेक से तुरंत भुगतान भी कर दिया। तल्ला बापरू में कृष्ण सिंह, रंजीत सिंह, उमेद सिंह, शांति देवी आदि का कहना है कि इस पहल से उन्हें न तो बाजार की तलाश करनी पड़ी और नहीं भुगतान का इंतजार।
बता दें कि चंपावत जिले में 596 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की खेती होती है। करीब 9.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उत्पादन होता है। इस बार 559 मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ। अब कृषि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने वाले कृषि उत्पादों के विपणन के लिए भी कार्यनीति पर विचार कर रहा है।