अस्पताल ही नहीं, जिले के स्वीकृत स्वास्थ्य शिक्षण के हाल भी हवा-हवाई हैं। इस जिले में पिछले साल से स्वीकृत एकीकृत नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर (आईएनटीसी) कब शुरू होगा इसका कोई पता नहीं। इसके लिए भूमि को भी फाइनल नहीं किया जा सका है।
दो साल पहले चंपावत में ऑग्जलरी नर्सिंग मिडवाइफ (एएनएम) और जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ (जीएनएम) स्वीकृत किया गया था। मगर इसके लिए जमीन की तलाश भी पूरी नहीं हो सकी थी। बाद में इन दोनों केंद्रों के बजाय एकीकृत नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर को हरी झंडी दी गई।
इस सेंटर में एएनएम और जीएनएम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दिसंबर 2015 में आईएनसी का शासनादेश हुआ। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के लोहाघाट में बनने के बाद इस केंद्र के लिए चंपावत के राकड़ी फुलारा वाली जमीन को अधिग्रहित करने की कोशिश की गई। लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इस जमीन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित नहीं किए जाने से मामला लटक गया। इस कारण अब भी यह नर्सिंग सेंटर 3 करोड़ रुपये रिलीज होने के बावजूद शुरू नहीं हो सका। नर्सिंग केंद्र 23.62 करोड़ रुपये से बनेगा।
अब हो रही पुनेठी में जमीन की तलाश
चंपावत। राकड़ी फुलारा गांव वाली जमीन का मामला लटकने के बाद नए स्थान पर जमीन की तलाश शुरू हो गई। पुनेठी गांव में राजस्व, स्वास्थ्य विभाग और कार्यदाई संस्थान ने जमीन का संयुक्त रूप से मुआयना किया। यहां एकीकृत नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए करीब 70 नाली जमीन पर सहमति बनी है। पेयजल निर्माण निगम इस इलाके की मिट्टी की टेस्टिंग करा रहा है।
एकीकृत नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर को जल्द शुरू कराने के लिए जमीन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भवन बनने तक इसे शुरू करवाने के वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। मौजूदा सीएचसी भवन में प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने का प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजा गया है। अगर प्रस्ताव मंजूर हुआ, तो इसी शिक्षा सत्र से इसे संचालित किया जा सकता है। - डॉ. विनोद टोलिया, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।