चंपावत जिला अस्पताल का लेबर रूम।
- फोटो : अमर उजाला
एक माह से जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एलएमओ (महिला चिकित्साधिकारी) के बगैर प्रसव हो रहे हैं। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और दो एलएमओ छुट्टी पर हैं। इसके चलते लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। यही वजह है कि यहां प्रसव का जिम्मा स्टाफ नर्स के भरोसे है। जिला अस्पताल में इस वक्त एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और दो महिला चिकित्साधिकारी की तैनाती है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.संगीता त्रिपाठी 16 फरवरी से चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) पर हैं। एलएमओ डॉ.श्वेता खर्कवाल पांच मार्च से मेडिकल अवकाश पर हैं। अस्पताल में प्रसव कराने का पूरा जिम्मा स्टाफ नर्स के कंधों पर है। महिला डॉक्टरों के नहीं होने से महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अलबत्ता सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी, आयुर्वेदिक डॉ.गीता पुनेठा अपने काम के अलावा स्टाफ नर्स का हाथ बंटाते हैं। वैसे अस्पताल में इस वक्त 26 के सापेक्ष सिर्फ 13 डॉक्टर कार्यरत हैं। फोटो 24 सीपीटी 04पी व 05पी कोट जिला अस्पताल में वर्तमान में स्टाफ नर्स प्रसव करा रही हैं।
यह स्टाफ नर्स प्रसव कराने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित होती हैं। जटिल केस में विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत होती है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से दिक्कतें आ रही है। डॉ.आरके जोशी, सीएमएस, जिला अस्पताल।
तैनाती के सप्ताह भर से गायब हैं ईएनटी सर्जन
जिला अस्पताल में संविदा में ईएनटी सर्जन डॉ.अनिल गंगवार ने जनवरी के पहले सप्ताह में चार्ज लिया। और इसके तुरंत बाद 11 जनवरी से वे अनुपस्थित हैं। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (इएमओ) डॉ.आरिफ नवाज खान 6 जुलाई 2017 से गैर हाजिर चल रहे हैं। इसके अलावा ईएमओ डॉ.मो.उमर, डॉ.रवि कुमार, डॉ.मो.ईसार खान और एलएमओ डॉ.विदुषी शर्मा 17 मार्च से देहरादून काउंसलिंग के लिए गए हैं।