चंपावत के इस गोरलचौड़ मैदान में होता है गोलज्यू महोत्सव।
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चंपावत। कोरोना महामारी ने मां पूर्णागिरि धाम के मेले के आयोजन पर पहली बार ब्रेक लगाया। अब चंपावत के गोलज्यू महोत्सव पर भी तलवार लटक रही है। नवरात्र से पहले से मंदिरों में लटके ताले और 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं वाले पूर्णागिरि मेले के निरस्त होने से ये तय माना जा रहा है कि जून में गोलज्यू महोत्सव का आयोजन मुमकिन नहीं होगा।
नगर पालिका बनने के बाद से चंपावत में जून 2013 से गोलज्यू महोत्सव शुरू हुआ। पिछले साल तक इस महोत्सव सफलतापूर्वक होता रहा। कोरोना के चलते महोत्सव पर खतरा छा गया है। प्रदेश में तीन मई तक लॉकडाउन है। कोरोना के खतरे के बीच बाहरी व्यापारियों का आना नामुमकिन है। मेले में भीड़भाड़ कई परेशानियां पैदा कर सकती है। तैयारियों को कम समय के अलावा लंबे लॉकडाउन के बाद आयोजन के लिए आर्थिक संसाधन जुटाना भी चुनौती होगी। नगर पालिका अध्यक्ष चेयरमैन विजय वर्मा का कहना है कि कोरोना संकट के दौरान महोत्सव पर चर्चा करना न तो ठीक है और न ही व्यावहारिक तौर पर मुमकिन है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि लॉकडाउन के बढ़ने पर तो गोलज्यू महोत्सव का आयोजन होना बेहद मुश्किल होगा। लॉकडाउन हटने पर भी कुछ वक्त व्यवस्थाओं को सुधारने में लगेगा। ऐसे में महोत्सव का आयोजन खासा मुश्किल होगा। अलबत्ता अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।