चंपावत। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण विद्यालय स्तर पर हो सकेगा। इसके लिए सरकार की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के स्वास्थ्य की भली-भांति परख हो सकेगी। बीमार बच्चों को समय से उपचार भी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण की पहल पर अब विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरे एक पीरियड की कक्षा संचालित की जाएगी।
स्वास्थ्य शिक्षा वादन के तहत प्रार्थना सभा से पहले वादन तक विद्यालयों में अध्ययनरत बालक और बालिकाओं के स्वास्थ्य संबंधी संदर्भ में चिकित्सा विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, शिक्षा विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। स्वास्थ्य जागरूकता पर चर्चा-परिचर्चा, संवाद सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर इन गतिविधियों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया जाएगा।
इस संबंध में तीन और 29 जनवरी को मुख्य सचिव उत्तराखंड की अध्यक्षता में एनएचएम की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यालयों में अन्य वादनों की तरह स्वास्थ्य शिक्षा वादन शुरू किया जाएगा।
आठ फरवरी से हो जाएगी स्वास्थ्य पीरियड की शुरुआत
चंपावत। प्राथमिक शिक्षा के विद्यालयों में माह का पहले शनिवार यानि आठ फरवरी से स्वास्थ्य पीरियड की शुरुआत कर दी जाएगी। दूसरे शनिवार को भी यह पीरियड पूर्व की भांति संचालित होगा। यह प्रक्रिया प्रत्येक माह चलेगी। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी गई है।
कोट
जिले के प्रारंभिक शिक्षा के सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए बृहद स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। खंड के माध्यम से सभी प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य राइंका, राउमावि, राउप्रावि, राप्रावि को निर्देश जारी किए गए हैं। - मान सिंह, जिला शिक्षाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा चंपावत।